फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आंगनबाड़ी कार्यकर्तांओं को मांगों के पूरा होने की जगी आस

विज्ञापन
विज्ञापन
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं के आंदोलन के समाधान का रास्ता साफ होता दिखाई दे रहा है। शनिवार को मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव उमा शंकर, उप प्रधान आशिमा बराड़, अतिरिक्त मुख्य सचिव जी अनुपमा, विभागीय निदेशक हेमा शर्मा से आंगनबाड़ी प्रतिनिधियों की हरियाणा सचिवालय चंडीगढ़ में वार्ता हुई। जिसमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं की मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया गया।
विज्ञापन

वार्ता से लौटे एआईयूटीयूसी के हरियाणा प्रधान राजेंद्र सिंह ने बताया कि सरकार से जिन बातों पर सहमति बनी है उनमें मुख्य तौर पर उपभोक्ता महंगाई सूचकांक के हिसाब से महंगाई भत्ता किस्त को मानदेय के साथ लिंक करना शामिल है। इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। लिंक होने पर मानदेय में खुद ब खुद बढ़ोतरी होती रहेगी। अलग से सरकार से जद्दोजहद नहीं करनी पड़ेगी। पदोन्नति में कार्यकर्ता, सहायिका की उम्र की कोई पाबंदी नहीं रहेगी। सेवानिवृत्ति पर कार्यकर्ता को एक लाख रुपये और सहायिका को 50 हजार रुपये दिए जाएंगे। सेवानिवृत्ति से पहले अगर किसी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की मौत हो जाती है तो उसके परिवार को 3 लाख रुपये दिए जाएंगे। नौ हजार रुपये मोबाइल खरीदने के लिए दिए जाएंगे। 1500 और 750 रुपये पर सरकार ने आगे विचार करने का भरोसा दिया है। इलाज का सारा खर्च सरकार वहन करेगी, उसको आयुष्मान स्कीम के साथ लिंक किया जाएगा। आंदोलन के दौरान बर्खास्त की गई आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को पिछले मानदेय के साथ बहाल किया जाएगा और दर्ज मुकदमे भी वापस लिए जाएंगे, परंतु सरकार ने कहा कि बर्खास्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को केस टू केस देखकर बहाल करेंगे।
प्रधान सचिव ने 16 मार्च तक उनकी मांगों को लागू करने का आश्वासन दिया है। इस पर तालमेल कमेटी ने फैसला लिया की तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा और 19 मार्च को कलायत में संयुक्त किसान मोर्चा व सभी जन संगठनों की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ एक महापंचायत की जाएगी। अगर सरकार ने 16 से पहले सकारात्मक परिणाम का पत्र जारी करती है तो तालमेल कमेटी आंदोलन पर पुनर्विचार करेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें