करनाल में हुए लाठीचार्ज के विरोध में किसानों ने कुरुक्षेत्र भी जाम कर दिया। गुस्साए किसानों ने जिले में दो नेशनल हाईवे सहित आठ जगह जाम लगाया और करनाल प्रशासन और सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। जाम लगने से हजारों की संख्या में वाहन फंसे रहे। यातायात पुलिस रास्तों को डायवर्ट करने में जुटी रही, लेकिन फिर भी स्थिति काबू से बाहर ही नजर आई।
जिले में नेशनल हाईवे-44 पर उमरी के नजदीक एनआईडी के सामने, शाहाबाद में पुलिस स्टेशन के सामने, पिहोवा में गुहला चीका रोड पर कराह साहिब और दिवाना, टोल प्लाजा थाना और सैनी माजरा, झांसा रोड पर धुराला और लाडवा में जाम लगाया। जाम लगते ही पुलिस ने भी मौका संभाला और किसानों को समझाने का प्रयास करती रही, लेकिन किसान नहीं माने। सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे वाहन चालक और बसों की सवारियां काफी परेशान होती नजर आईं। शाम होते-होते करीब साढ़े सात बजे किसानों ने जाम खोल दिया। इसके बाद यातायात सुचारु होने से लोगों को राहत मिली।
किसानों को संबोधित करते हुए किसान नेता जसबीर सिंह मामू माजरा ने कहा कि करनाल में मुख्यमंत्री की बैठक के विरोध को लेकर किसान एकत्रित हो रहे थे और पुलिस ने इन किसानों पर बर्बरता पूर्ण लाठियां भांजी हैं। जिससे रोषित होकर किसानों ने जीटी रोड जाम किया है। जसबीर सिंह ने कहा कि किसानों के साथ इस तरह का व्यवहार बर्दाश्त योग्य नहीं है। सरकार किसानों के खून को पानी की तरह बहा रही है, लेकिन किसान इसे कभी सहन नहीं करेगा। जसबीर सिंह कहा कि यह सरकार जहां कृषि कानूनों के माध्यम से किसानों को खत्म करने पर तुली है वहीं अब लाठियों व गोलियों से किसानों को खत्म किया जा रहा है।
जब कृषि कानून खत्म नहीं होते तब तक किसानों का आंदोलन जारी रहेगा, इसके लिए किसानों को चाहे कोई भी कुर्बानी क्यों न देनी पड़ेे। वहीं, किसान नेताओं के एक आह्वान पर बड़ी संख्या में दोपहर दो बजे जीटी रोड पर एकत्रित हो गए और सड़क जाम कर दी। इस दौरान किसानों ने केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस अवसर पर दिलबाग सिंह, कृष्ण कुमार, पवन बैंस, राजबीर, मनीष जंधेड़ी, डॉ. जसबीर, सुखचैन दामली, बलविंद्र सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
यात्री दिखे परेशान, सड़क किनारे बैठ करते रहे जाम खुलने का इंतजार
जाम के चलते उमरी रोड पर करीब 20 रोडवेज की बसें, 200 कारें और कई ट्रक जाम में फंसे रहे। बसों में बैठी सवारियां काफी इंतजार के बाद सड़क किनारे ही बैठ गईं। करनाल से अंबाला जा रहे मनोज ने बताया कि वह करनाल में काम करता है और हर शनिवार को घर जाता है, लेकिन आज जाम की वजह से शायद यहीं रात काटनी पड़ेगी। वहीं, चंडीगढ़ जा रहे मुकेश और विकास ने बताया कि नौकरी से संबंधित किसी जरूरी काम से शाम तक वहां पहुंचना था, लेकिन अब यह नामुमकिन है।
परेशान यात्रियों ने चखा गुरु का लंगर
जाम में फंसे रहने पर लोगों को भूख लगी तो वे किसानों द्वारा बनाए गए गुरु के लंगर में पहुंचे और लंगर चखा। इस दौरान किसानों ने उनके खाने और पीने की व्यवस्था की। उधर, किसानों ने रात का खाना सड़क पर बैठकर ही खाया।
बीमार व्यक्ति, एंबुलेंस और आर्मी गाड़ी को नहीं रोका गया
जाम के दौरान किसानों ने बीमार व्यक्ति, एंबुलेंस और आर्मी की गाड़ी को नहीं रोका। जसबीर सिंह ने कहा कि जिस भी गाड़ी में कोई बीमार व्यक्ति था उसे जाम में न रोककर गंतव्य की ओर रवाना कर दिया गया। शाहाबाद में जिस प्वाइंट पर किसानों ने जाम लगाया वहां से दो एकड़ तक उन सभी गाड़ियों को भेज दिया गया, जिसमें कोई बीमार व्यक्ति था। उन्होंने कहा कि इसके पीछे की व्यवस्था करना पुलिस की जिम्मेदारी है।
दोनों तरफ लगीं लंबी कतारें
इस्माईलाबाद में भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले सैकड़ों किसानों ने किसान नेता सोनू समरा, जरनैल सिंह, सुखा सिंह, पिपल सिंह आदि के नेतृत्व में फोरलेन हाईवे को जाम कर दिया। किसानों द्वारा लगाए गए जाम से हाईवे के दोनों साइड वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। जाम की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी राकेश कुमार दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। किसान नेता सोनू समरा ने कहा कि सरकार किसानों को दबाने का कार्य कर निहत्थे किसानों पर लाठी चार्ज करवा रही है, लेकिन किसान सरकार की इस तानाशाही को किसी भी सूरत में सहन नहीं करेंगे। जाम के चलते पुलिस ने यात्रियों की सुविधा से यातायात को अन्य रास्तों पर डायवर्ट किया।