संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। हरियाणा कला परिषद और सोसायटी फॉर आर्ट एंड कल्चर डेवलपमेंट के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित हरियाणा अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह के तीसरे दिन प्रथम सत्र में राजकुमार सैनी निर्देशित पानी की कद्र, वाटर वर्सिज मनी और सेव वॉटर सेव फयूचर फिल्में दिखाई गईं। इस कड़ी में जल संरक्षण और ग्लोबल वार्मिग पर परिचर्चा भी की गई। मुख्यातिथि हरियाणा सरस्वती हैरिटेज बोर्ड के उपाध्यक्ष धुम्मन सिंह किरमिच ने कहा कि कहा कि वर्तमान में जल को बचाए रखना अतिमहत्वपूर्ण है, क्योंकि भूजल स्तर दिनों दिन नीचे जा रहा है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे स्वच्छता अभियान हरियाणा उपाध्यक्ष सुभाषचंद्र ने कहा कि जल संरक्षण और ग्लोबल वार्मिंग की दिशा में अधिक कार्य करने की आवश्यकता है। हरियाणा वॉटर मैनजमेंट बोर्ड से तेजेंद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से तालाबों को अमृत महोत्सव से जोड़कर स्थिति सुधारने पर कार्य किया जा रहा है। हरियाणा अटल भूजल योजना के चेयरमैन रमेश गोयल ने कहा कि जल संरक्षण की मुहिम इस कारण से महत्वपूर्ण है कि जलस्तर पूरे देश में लगातार गिरता जा रहा है। उन्होंने इस दिशा में 2008 से लोगों को जागरूक करना शुरू किया था, जिसके अच्छे परिणाम निकल रहे हैं।
अरविंद कौशिक ने कहा कि प्रदेश सरकार ने सूक्ष्म सिंचाई योजना, मेरी फसल मेरा ब्योरा के माध्यम से अधिक से अधिक जानकारी जुटाईं है, ताकि किसानों को योजनाओं का भरपूर फायदा मिल सके। महोत्सव के द्वितीय सत्र में फिल्म निर्माता और लेखक गिरीश धमीजा ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि फिल्में समाज में घट रही घटनाओं, ग्रंथों, कहानियों के माध्यम से लिखी जाती हैं। समाज जैसा दिखाई देता है उसे वैसा ही दिखाना होगा ताकि समाज अपने आप से भी रूबरू हो सके।
उन्होंने कहा कि अगर आप किसी भी क्षेत्र में मुकाम पाना चाहते हैं तो आपको तीन चीजों की जरूरत होगी जुनून, जिद और जब्बा। धर्मेंद्र दांगी ने कहा कि फिल्मों की जान उसका लेखन होता है, अगर लेखन सही नहीं है तो फिल्म समाज में अपना प्रभाव नहीं दिखा पाएगी। इस अवसर पर 12 फिल्में दिखाई गईं। संचालन डॉ. आबिद अली ने किया। इस दौरान तानिया, हरीश रंगा, रवि मोहन, प्रो. संदीप कुमार आदि उपस्थित रहे।