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आयुष विवि के कुलपति, कुलसचिव का दफ्तर घेरा

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धरने पर बैठ रोष जतातीं भावी चिकित्सक। संवाद - फोटो : Kurukshetra
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कुरुक्षेत्र। छात्रवृत्ति भत्ता बढ़ाने सहित अन्य मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल कर रहे भावी चिकित्सकों के समर्थन में पीजी विद्यार्थियों भी उतर आए हैं। विद्यार्थियों ने बुधवार को दूसरे दिन श्रीकृष्णा आयुर्वेदिक अस्पताल के बाहर धरने पर बैठ आयुष विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया। इतना ही नहीं, गुस्साए विद्यार्थियों ने कुलपति और कुलसचिव कार्यालय का घेराव नारेबाजी की।
पीजी विद्यार्थियों की ओर से ओपीडी का बहिष्कार करने के बाद आयुर्वेदिक अस्पताल की व्यवस्थाएं डगमगा गई हैं। हड़ताल का असर स्वास्थ्य सेवाओं पर भी देखने को मिल रहा है। हड़ताल के चलते मरीजों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारियोें ने मांगें पूरी न होने तक क्लास और ओपीडी में लौटने से मना कर दिया है।
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उनका कहना है कि महाविद्यालय में आयुर्वेद के सभी 14 विषयों में स्नातकोत्तर की पढ़ाई जरूर शुरू हुई है, लेकिन अस्पताल में जख्म पर बांधने के लिए मरहम-पट्टी तक उपलब्ध नहीं है। विद्यार्थियों का आरोप है कि कुछ शिक्षकों की ओर क्लास में लौटने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। बीएएमएस के विद्यार्थी सोहन ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होगी, तब तक वे क्लास में नहीं लौटेंगे।
विद्यार्थी डॉ. पंकज का कहना है कि बीएएमएस विद्यार्थी को इंटर्नशिप के दौरान 10 हजार रुपये और पीजी विद्यार्थियों को करीब 40 हजार रुपये छात्रवृत्ति दी जा रही है, लेकिन अन्य आयुर्वेदिक कॉलेजों में 60 हजार से अधिक छात्रवृत्ति पीजी विद्यार्थियों को दी जा रही है। आयुष विवि प्रशासन विद्यार्थियों की इन मुख्य मांगों पर गौर करें।
डॉ. सैशन राव का कहना है कि आयुर्वेदिक कॉलेज में करीब 150 विद्यार्थी पीजी की पढ़ाई करने के साथ ओपीडी संभाल रहे हैं, लेकिन सुविधाएं कुछ भी नहीं है। स्थिति इतनी दयनीय है कि चाय पीने के लिए कैंटीन तक की नहीं है। आयुष विश्वविद्यालय प्रशासन श्रीकृष्णा आयुर्वेदिक कॉलेज एवं अस्पताल को अपग्रेड करें।
पीजी की छात्रा डॉ. मोनिका धीमान का कहना है कि अस्पताल में दिन-रात ड्यूटी कर रहे हैं। कोरोना काल में भी मरीजों को भी उपचार दिया, लेकिन आयुर्वेदिक कॉलेज में पीजी विद्यार्थियों के लिए हॉस्टल तक की सुविधा नहीं है। विद्यार्थियों को कमरे किराए पर लेकर रहना पड़ रहा है। छात्राओं की सुरक्षा के लिहाज से हॉस्टल उपलब्ध कराया जाए।
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एमडी की छात्रा डॉ. हिमांशी का कहना है कि आयुर्वेदिक कॉलेज में आयुर्वेद के सभी 14 विषयों में एमडी, एमएस कोर्स हो चुके हैं, लेकिन एक आयुर्वेदिक कॉलेज में जिस स्तर की चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होनी चाहिए, उस हिसाब से यहां कुछ भी सुविधाएं नहीं है। आयुष विवि प्रशासन भावी चिकित्सकों का भविष्य देखकर सुविधाओं पक ध्यान दे।

आयुर्वेदिक कॉलेज के बाहर आयुष विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करतें विद्यार्थी। संवा?- फोटो : Kurukshetra

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