करनाल। दो महीने से 70 मार्गों पर रोडवेज बस सेवा प्रभावित है। किसी भी मार्ग पर बसों के समयसारिणी के अनुसार निर्धारित फेरे नहीं लग पा रहे हैं। ऐसे में पुराने बस स्टैंड के हर काउंटर पर यात्री बस के इंतजार में खड़े रहते हैं। किसी मार्ग पर बसों के दो तो किसी पर चार से छह फेरे कम हो गए हैं क्योंकि प्रदेश सरकार ने रोडवेज के जिन चालकों की ड्यूटी कोरोना के मामले बढ़ने पर एंबुलेंस में लगाई थी, वे आज तक वहां से रिलीव नहीं हुए हैं। जबकि कोरोना के मामले अब नाम मात्र के आ रहे हैं। कोरोना गाइडलाइन के तहत लगी पाबंदियां भी 15 दिन पहले हटा दी हैं। इस कारण रोडवेज के ये चालक अधिकांश समय खड़ी एंबुलेंस पर ही ड्यूटी करके घर लौट जाते हैं।
रोडवेज के अधिकारियों के अनुसार एक जनवरी को करनाल डिपो के 51 बस चालकों को एंबुलेंस चलाने के लिए स्वास्थ्य विभाग में भेजा गया था। इन चालकों की करनाल के अलावा पानीपत और यमुनानगर जिले में ड्यूटी निर्धारित है। चालकों की बसों पर वापस ड्यूटी लगाने के लिए न तो रोडवेज डिपो कुछ कर पा रहा है न सरकार का इस ओर ध्यान है।
निजी बस चालक नहीं मानते पास, रोडवेज का करते हैं इंतजार
बस स्टैंड पर खड़ी निसिंग की छात्रा ममता, गढ़ी बीरबल की सोनम, लक्ष्य और जुंडला के विवेक ने बताया कि इन दिनों उनके कॉलेज की परीक्षाएं चल रही हैं, ऐसे में कॉलेज से जल्दी छुट्टी हो जाती है। निजी बस चालक पास स्वीकार नहीं करते और टिकट को लेकर विवाद होता है। इसलिए वे रोडवेज की बस का इंतजार करते हैं। उन्होंने बताया कि दोपहर बाद उनके मार्ग पर रोडवेज की बस चलती है। दिसंबर तक दोपहर से पहले भी रोडवेज की बस जाती थी लेकिन इन दिनों कम हैं।
चालक बोले, इमरजेंसी में भी छुट्टी लेने में हो रही परेशानी
करनाल डिपो में 280 चालक हैं, जो रोडवेज की 124 बसों का संचालन करते हैं। 280 में से 51 चालक एंबुलेंस ड्यूटी पर हैं, ऐसे में 229 चालक ही बसों को सड़कों पर दौड़ा रहे हैं। इन चालकों का कहना है कि 51 चालकों के जाने से उनका शेड्यूल बिगड़ा है। वे जरूरत के समय में या इमरजेंसी पर छुट्टी नहीं ले पा रहे हैं। कुछ मार्गों पर टाइम भी बिगड़ा है। बस सेवा भी प्रभावित हो रही है।
एंबुलेंस पर लगी है ड्यूटी
जिला चालक
करनाल 25
पानीपत 21
यमुनानगर 05
कुल 51
हर मार्ग पर बेहतर बस सेवा उपलब्ध कराने का प्रयास कर रहे हैं। पहली जनवरी को जिन 51 चालकों को स्वास्थ्य विभाग में एंबुलेंस ड्यूटी पर भेजा था, वे अभी वापस नहीं आए हैं। कुछ मार्गों पर समयसारिणी प्रभावित भी हुई है। लोगों की सुविधा को देखते हुए जिस मार्ग पर यात्री ज्यादा हों, वहां विशेष बस भी चलाई जाती है।
- कुलदीप सिंह, महाप्रबंधक, करनाल डिपो