संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। 24 घंटे में न्यूनतम तापमान चार डिग्री तक गिरने से जिले में शीतलहर चलने लगी। पिछले 24 घंटे की तुलना में अधिकतम तापमान भी 3.4 डिग्री गिर गया। वीरवार शाम को ठंड ने लोगों को कंपाया तो अलाव का सहारा लेना पड़ा। वहीं जिले में वीरवार को दिन भर बादल छाए रहे जिससे धूप नहीं निकली।
खेतों में सुबह कोहरा और फसलों पर ओस की बूंदें नजर आईं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग का पूर्वानुमान है कि 17 व 18 दिसंबर को न्यूनतम तापमान तीन डिग्री तथा 19 व 20 दिसंबर को दो डिग्री सेल्सियस तक रह सकता है। इसलिए लोगों को पूरे शरीर ढकने वाले गर्म कपड़े पहनने के साथ-साथ ठंड से बचाव के उपाय करने जरूरी हैं।
केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. डीएस बुंदेला के अनुसार वीरवार को अधिकतम तापमान सुबह 20.4 व न्यूनतम तापमान 3.8 डिग्री सेल्सियस रहा। नमी सुबह शत प्रतिशत व दोपहर को 68 प्रतिशत रही। वाष्प दाब 10.0 एमएम रहा। हवा की औसत गति सुबह 1.0 व दोपहर को 0.7 किलोमीटर प्रति घंटा रही। पिछले साल 16 दिसंबर को अधिकतम तापमान 15.8 व न्यूनतम 5.9 डिग्री सेल्सियस था।
नवजात बछड़ों को ठंड से बचाएं
राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान के कृषि विज्ञान केंद्र के अध्यक्ष डॉ. पीके सारस्वत ने बताया कि शीतलहर को देखते हुए पशुपालकों को नवजात बछड़ों को ठंड से बचाने के लिए पुआल या घास बिस्तर का प्रबंध करना जरूरी है। सुबह व देर रात को पशुशाला में उचित तापमान बनाए रखें। दिन के समय पशुओं को हल्की धूप लगाएं। रात के तापमान में गिरावट को देखते हुए पशुओं को बाड़े के अंदर रखें।
सरसों की फसल में करें खरपतवार नियंत्रण
डॉ. सारस्वत ने बताया कि शीतलहर को देखते हुए देर से बोई गई सरसों की फसल में विरलीकरण तथा खरपतवार नियंत्रण का कार्य करें। तापमान में कमी के मद्देनजर सरसों की फसल में सफेद रतुआ रोग की नियमित रूप से निगरानी करें। सब्जियों में शाम के समय हल्की सिंचाई करें। यह उपाय फसलों को संभावित पाले से बचाने में सहायक है। बागवानी में फव्वारा विधि से सिंचाई का उचित प्रबंध करें।