नाबालिग को शादी का झांसा देकर भगा ले जाने तथा दुराचार मामले में दोषी करार दिए एक व्यक्ति को न्यायालय ने 20 साल के कारावास व 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा विशेष न्यायालय एससी/एसटी व पॉक्सो तथा क्राइम अगेंस्ट वूमेन जिला कैथल की अदालत में न्यायाधीश पूनम सुनेजा द्वारा बुधवार को यह फैसला दिया गया।
पुलिस ने बताया गया कि थाना राजौंद क्षेत्र अंतर्गत के एक गांव निवासी व्यक्ति की शिकायत पर थाना राजौंद में केस दर्ज किया गया था। जिसमें उसने बताया था कि करीब 17 वर्षीय पुत्री को एक युवक शादी का झांसा देकर 13 जनवरी 2019 की रात भगा ले गया था। पुलिस द्वारा अभियोग की जांच के दौरान आरोपी अजय निवासी बालु को गिरफ्तार कर लिया गया था। जांच के दौरान ठोस साक्ष्य जुटाने उपरांत अभियोग को माननीय न्यायालय के सुपूर्द कर दिया गया। इस मामले में 29 सितंबर को अदालत की ओर से दोषी अजय को 20 वर्ष कैद तथा 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। जुर्माना अदा न करने की सूरत में दोषी को अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
पुलिस के अनुसार माननीय न्यायालय ने अपने निर्णय में साफ तौर पर लिखा कि बच्चे समाज का ऐसा अंग हैं, जिनके विरुद्ध अपराध समाज के विरुद्ध अपराध है। इस प्रकार के अपराधी बिल्कुल भी दया के पात्र नहीं हैं। इस प्रकार के निर्णय से दोषियों को दंडित करने से गरीब आदमी का न्याय व्यवस्था में विश्वास और दृढ़ होगा।