Dairy farming skill development training given to cattle farmers
- फोटो : Kaithal
कैथल। पशु विज्ञान केंद्र तितरम द्वारा राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के सहयोग से डेयरी फार्मिंग कौशल विकास प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। इस पांच दिवसीय परीक्षण में गांव चंदाना से 50 पशुपालक महिलाओं ने भाग लिया। परीक्षण के आयोजक डॉक्टर राजेंद्र श्योकंद ने पशुओं की उन्नत नस्लें, उनकी पहचान, पशु प्रजनन, गर्भकाल के दौरान पशुओं की देखभाल, नवजात बच्चों की मृत्यु के कारण एवं रोकथाम, गर्भावस्था के समय में सावधानियां, दुधारू पशुओं की देखभाल, पशुओं में बीमारियों की पहचान एवं बचाव के तरीके बताए।
इस परीक्षण के दौरान पशु विज्ञान केंद्र जींद के उपनिदेशक पशुपालन डॉ. देवेंद्र ढुल, मुख्य वैज्ञानिक डॉ. रमेश कुमार, पशु विज्ञान केंद्र करनाल के मुख्य वैज्ञानिक डॉ. सुजोय खन्ना, पंजाब नेशनल बैंक सच्चा खेड़ा के निदेशक रमन, पशु विज्ञान केंद्र सिरसा के मुख्य वैज्ञानिक डॉ. महावीर चौधरी, पशु विज्ञान केंद्र महेंद्रगढ़ के वैज्ञानिक डॉ. देवेंद्र यादव ने महिलाओं को डेयरी फार्मिंग को वैज्ञानिक ढंग से अपनाने के लिए आह्वान किया। प्रशिक्षण की समाप्ति पर प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र एवं निशुल्क खनिज मिश्रण व पशुओं के पेट के कीड़ों की दवाई भी उपलब्ध करवाई गई।