नरवाना। नरवाना में शुक्रवार को मालगाड़ी के निकलने से पहले ही रेलवे फाटक खोलने से हुए हादसे में करनाल निवासी एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। इसकी जांच के लिए रात को ही दिल्ली से रेलवे के एडीआरएम के नेतृत्व में चार अधिकारियों की टीम पहुुंची है।
टीम ने रात को ही दुर्घटना वाले स्थान का निरीक्षण किया। इसके अलावा रेलवे के रिकॉर्ड में फाटक बंद होने के बारे में भी जांच की गई। सिग्नल से संबंधित जानकारी जुटा कर एडीआरएम दिल्ली लौट गए, जबकि कुछ अधिकारियों ने दिनभर जांच की। रेलवे के सूत्रों के अनुसार इसमें कई अधिकारियों व कर्मचारियों पर गाज गिरना तय है। नरवाना स्टेशन के एक बड़े अधिकारी को निलंबित करने की चर्चाएं चल रही हैं, लेकिन अभी रेलवे द्वारा जांच की जा रही है। ऐसे में इसके बाद ही कोई कार्रवाई होगी।
गौरतलब है कि शुक्रवार दोपहर बाद करीब दो बजे उकलाना फाटक पर बठिंडा की ओर से आ रही मालगाड़ी की चपेट में कार आ गई थी। इसमें करनाल निवासी बलंविद्र सिंह की मौत हो गई और उनकी पत्नी श्वेता घायल हैं। श्वेता का इलाज अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। वहीं, डीएसटीई अनिल यादव इस मामले की जांच कर रहे हैं। शनिवार को नरवाना रेलवे स्टेशन पर अनिल यादव ने कहा कि इस जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट अधिकारियों को सौंपी जाएगी और उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
स्टेशन पर मौजूद अधिकारियों पर उठ रहे सवाल
हालांकि जांच कर रहे अधिकारियों ने अभी जांच के बारे में कोई भी जानकारी नहीं दी है। लेकिन इंटरलॉकिंग की विफलता के कारण ऐसा हो सकता है कि रेलवे फाटक खुला रहे और ट्रेन को आगे बढ़ने का सिग्नल मिल जाए। हालांकि कुछ लोग गेट मैन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठा रहे हैं। लेकिन रेलवे अधिकारियों का कहना है कि स्टेशन से इशारा मिले बिना रेलवे फाटक नहीं खोला जा सकता।
रेलवे की जांच रिपोर्ट का इंतजार
नरवाना रेलवे चौकी प्रभारी चरणजीत सिंह ने बताया कि पुलिस ने फिलहाल केस दर्ज कर लिया है, लेकिन अभी किसी का भी नाम नहीं जोड़ा है। इसके लिए रेलवे के अधिकारी जांच कर रहे हैं। उनकी जांच रिपोर्ट में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुसार ही कार्रवाई होगी।