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आज हाई जंप लगा पदक पर निशाना साधेंगे रामपाल

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झज्जर। गांव माछरौली के साधारण परिवार में पले बढ़े रामपाल आज टोक्यो पैरालंपिक में देश को पदक दिलाने के लिए मैदान में उतरेेंगे। ऊंची कूद के खिलाड़ी रामपाल का रविवार को दोपहर करीब दो बजे मुकाबला होगा। परिवार के लोगों ने उनके मुकाबले को देखने के लिए तैयारी पूरी कर ली है।
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टोक्यो पैरा ओलंपिक में भाग लेने के लिए झज्जर के टोक्यो सपूत पहुंच चुके हैं और रविवार को करीब दो बजे लंबी कूद से इतिहास रचने के लिए तैयारियां की हुई है। परिजनों ने बताया कि रामपाल बचपन से ही खेलने और खाने का शौकीन रहा है। जैसे-जैसे उम्र बढ़ती गई रामपाल का जोश और जुनून भी खेलों के प्रति बढ़ता गया। पैरा ओलंपियन रामपाल के बड़े भाई रामकेश ने बताया कि रामपाल पहले ट्रिपल जंप व दौड़ का शौकीन था, लेकिन उसने हाई जंप को ही मुख्य खेल माना और इसमें सफलता की सीढ़ियां चढ़ता गया। रामपाल ने दसवीं तक की शिक्षा गांव के हाईस्कूल से प्राप्त की है। उसके बाद 12वीं व पॉलिटेक्नीक की पढ़ाई करने के लिए हिसार चला गया था। उसके बाद उन्होंने महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी रोहतक से स्नातक, बीएड की पढ़ाई की और दिल्ली में आयकर विभाग में नौकरी पर लग गए। नौकरी करते हुए और घर परिवार का ध्यान रखते हुए भी रामपाल ने खेलना नहीं छोड़ा और प्रदेश सरकार ने उन्हें खेलों के दम पर खेल विभाग में उप निदेशक नियुक्त किया और वर्तमान में भी पंचकूला में खेल विभाग में तैनात हैं।
चारा काटने की मशीन से हाथ कटने के बाद भी नहीं हारी हिम्मत
उसके भाई ने बताया कि सादा जीवन उच्च विचार उनका मुख्य उद्देश्य रहा है। रामपाल के बड़े भाई ने कहा कि रामपाल हमेशा से ही कहता था कि वह एक दिन बड़ा खिलाड़ी बनकर दिखाएगा। उसने यह सपना पूरा कर दिया है। उन्होंने बताया कि बचपन में चारा काटने की मशीन से हाथ कटने के बाद उसे काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा, लेकिन हिम्मत नहीं हारी और पैरा ओलंपिक खेलों में हाई जंप को मुख्य की खेल चुना और इसमें पूरी ताकत झोंक दी। 2. 5 मीटर तक की छलांग आसानी से लगाने वाले रामपाल ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छह गोल्ड मेडल, 2 सिल्वर मेडल व सात नेशनल गोल्ड मेडल जीते हैं।
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डॉ. सत्यपाल से लंबी कूद की बारीकियां सीखीं
अंतरराष्ट्रीय पैरा ओलंपिक खिलाड़ी रामपाल का कोई भी निजी प्रशिक्षक नहीं है और राष्ट्रीय स्तर पर डॉ. सत्यपाल से लंबी कूद प्रतियोगिता की बारीकियाें को सीखा। विश्व स्तर पर लंबी कूद के लिए रामपाल की रैंकिंग छठे पायदान पर है। रामपाल को एक बेटा मुदित है और उनकी शादी गुरुग्राम के गांव झाड़सा में हुई है। उनकी धर्मपत्नी शिक्षिका हैं। उनके बड़े भाई पानीपत में अध्यापक हैं।
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