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Bahadurgarh: किसानों का अनिश्चितकालीन धरना जारी, किसान नेता रमेश दलाल ने समगोत्र विवाह के लिए उठाई मांग

Mon, 03 Jul 2023 02:30 PM IST
नवीन दलाल संवाद न्यूज एजेंसी, बहादुरगढ़ (हरियाणा)

सार

भारत भूमि बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले रमेश दलाल के नेतृत्व में लगभग छह महीने से केएमपी के मांडोठी टोल प्लाजा के पास अनिश्चितकालीन धरना चल रहा है। किसानों की मांगों में जमीन अधिग्रहण से संबंधित मांगों के अतिरिक्त एक ही गोत्र में विवाह/शादी को गैर कानूनी घोषित करने की माग भी है।
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किसान नेता रमेश दलाल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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किसान नेता रमेश दलाल ने सम गोत्र विवाह को अवैध घोषित करने की मांग वाला एक ड्राफ्ट सोमवार को राज्य सरकार और केंद्र सरकार को भेज दिया। दलाल ने गत 28 जून को पंचकुला में मुख्यमंत्री द्वारा नियुक्त वार्ताकार राज्य के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश खुल्लर से इस संदर्भ में एक प्रतिनिधिमंडल के साथ वार्ता की थी। तब खुल्लर ने दलाल को इस संदर्भ में एक ड्राफ्ट सरकार को प्रस्तुत करने को कहा था।

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जमीन अधिग्रहण और समगोत्र विवाह हरियाणा के लिए बेहद महत्वपूर्ण प्रश्न : रमेश दलाल
भारत भूमि बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले रमेश दलाल के नेतृत्व में लगभग छह महीने से केएमपी के मांडोठी टोल प्लाजा के पास अनिश्चितकालीन धरना चल रहा है। किसानों की मांगों में जमीन अधिग्रहण से संबंधित मांगों के अतिरिक्त एक ही गोत्र में विवाह/शादी को गैर कानूनी घोषित करने की माग भी है। अपने ड्राफ्ट में रमेश दलाल ने कहा है कि हिंदू मैरिज एक्ट 1955 एक केंद्रीय एक्ट है जिसमें हरियाणा विधानसभा को समवर्ती सूची में प्रदत्त अधिकार के अनुसार  संशोधन करने की शक्ति प्राप्त है।

ड्राफ्ट आवेदन की कॉपी रमेश दलाल ने प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को भी भेजी
लेकिन रमेश दलाल ने अपने पत्र में स्पष्ट किया कि केंद्रीय एक्ट में संशोधन केंद्रीय सरकार को विश्वास में लेकर ही हो सकता है। यदि हरियाणा विधानसभा सम गोत्र विवाह को एक विधेयक के जरिए गैर कानूनी घोषित करती है, तो इसको केंद्र सरकार के माध्यम से संविधान के अनुच्छेद 254 (2) के अंतर्गत  राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जाना अनिवार्य है। इस ड्राफ्ट आवेदन की कॉपी रमेश दलाल ने प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को भी भेजी है।
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यूनिफॉर्म सिविल कोड के बाकी सभी विषयों पर हमारा कोई एतराज नहीं
रमेश दलाल केंद्र सरकार से एक बयान जारी करके मांग की है कि यदि यूनिफॉर्म सिविल कोड के कानून में शादी से संबंधित योग्यता और अयोग्यता के विषय को भी शामिल किया जाता है तो यूनिफॉर्म सिविल कोड में भी सम गोत्र विवाह को अवैध करार दिया जाए। सम गोत्र विवाह को गैर कानूनी घोषित करना समाज और जनहित में अति आवश्यक है। यदि सरकार ने सम गोत्र विवाह को गैर कानूनी घोषित करने के बजाय यूनिफॉर्म सिविल कोड में सम गोत्र विवाह को मान्यता देने का प्रयास किया तो यूनिफॉर्म सिविल कोड का विरोध किया जाएगा। दलाल ने स्पष्ट किया सम गोत्र विवाह को अवैध घोषित किया जाता हैं तो उनका संगठन यूनिफॉर्म सिविल कोड के समर्थन में है। यूनिफॉर्म सिविल कोड के बाकी सभी विषयों पर हमारा कोई एतराज नहीं है।

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