हिसार। जिला बिजली समिति की बैठक में सांसद बृजेंद्र ने अधिकारियों को फटकार लगाई तो अधिकारी सॉरी बोलने लगे। सांसद ने कहा कि मीटिंग आयोजित करने का यह वाहियात तरीका है। हमें पहले इस बैठक की सूचना क्यों नहीं भेजी। इस बैठक का एजेंडा पहले भेजा होता तो हम कुछ तैयारी करके आते। योजनाओं के बारे में जनता का फीडबैक लेकर आते। इस तरह से बैठक का कोई औचित्य नहीं है। एजेंडे में आपने 26 पेज रखे हैं। आप 26 पेज पढ़ते रहोगे, मैं भी गर्दन हिलाकर हां भरता रहूंगा। किसी की समझ कुछ नहीं आएगा। आगे कोई कभी सवाल उठाएंगे तो अधिकारी कहेंगे कि एमपी साहब ने सहमति दी थी।
इस पर बिजली निगम के अधीक्षक अभियंता बिना एजेंडा भेजे बैठक आयोजित करने पर खेद जताते रहे। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि यह पहली बैठक होने के कारण गलती हुई है। अगली बार से बैठक का एजेंडा पहले से भेजा जाएगा। जानकारी के अनुसार लघु सचिवालय के जिला सभागार में वीरवार को दिशा कमेटी की बैठक थी। करीब ढाई घंटे में यह बैठक खत्म हुई तो बिजली निगम के अधिकारियों ने जिला बिजली समिति की बैठक रख दी। दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के अधीक्षक अभियंता एसएस राय ने एजेंडा पढ़ना शुरू कर दिया। सांसद बृजेंद्र ने इस पर आपत्ति जाहिर करते हुए कहा कि मीटिंग बुलाने का यह वाहियात तरीका है। सांसद ने पूछा कि इस कमेटी के सदस्य कौन-कौन हैं। जिस पर एसई एसएस राय ने बताया कि सांसद, जिले के सभी विधायक, जिला परिषद चेयरमैन, उपायुक्त, बिजली निगम के अधीक्षक अभियंता। अक्तूबर 2021 में इस कमेटी की अधिसूचना जारी की गई थी। इसका मकसद केंद्र सरकार की योजनाओं की निगरानी, उपभोक्ताओं के जनपरिवाद का समय पर निदान करना है।
सांसद बृजेंद्र ने कहा कि अगली बार मीटिंग से पहले एजेंडा भेजें। उन्होंने दिशा कमेटी के अन्य सदस्यों से कहा कि नागरिकों को फीडबैक भी लाएं। सांसद ने बिजली निगम के मजाकिया लहजे में सवाल उठाते हुए कहा कि आप लोग तो 99 से 100 प्रतिशत समाधान दिखा रहे हो। धरातल पर कुछ और होता है।