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दिन भर में एसटीपी, तीन सार्वजनिक शौचालय, एक सीवर डिस्पोजल व सात कॉलोनियों में सीवर लाइन चेक करने के बाद टीम हुई रवाना

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सफाई मित्र सुरक्षा चैलेंज : दो एसटीपी, तीन सार्वजनिक शौचालय व सात कॉलोनियों में की जांच
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करीब 80 शहरवासियों व पांच सीवर मैन से फीडबैक भी लिया, दो सदस्यीय टीम ने किया मूल्यांकन
हिसार। दो सीवर ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी), तीन सार्वजनिक शौचालय, सात कॉलोनियों में सीवर लाइन चेक करने के बाद टीम सोमवार शाम को रवाना हो गई। इसके अलावा टीम ने करीब 80 शहरवासियों व पांच सीवर मैन से फीडबैक भी लिया। सफाई मित्र सुरक्षा चैलेंज प्रतियोगिता के तहत शहर पहुंची दो सदस्यीय टीम ने ऑन ग्राउंड मूल्यांकन किया। शनिवार को भी टीम ने कुछ एसटीपी, सीवर डिस्पोजल व सीवर लाइनों का किया निरीक्षण किया था।
बता दें कि आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय की तरफ से यह प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सेप्टिक व सीवर टैंक की सफाई करने वाले का जीवन कभी खतरे में न पड़े। इसके तहत देश के 243 शहरों का स्वतंत्र एजेंसी की तरफ से ऑन ग्राउंड मूल्यांकन किया जा रहा है। प्रदेश में कुल 10 नगर निगम में से फरीदाबाद को छोड़कर सभी में यह मूल्यांकन किया जा चुका है। इस प्रतियोगिता के तहत शहरों को तीन उप श्रेणियों में सम्मानित किया जाएगा, जिनमें 10 लाख की आबादी, 3 से 10 लाख की आबादी व 3 लाख की आबादी वाले शहर। सभी श्रेणियों में आने वाले विजेता शहरों को कुल 52 करोड़ रुपये की पुुरस्कार राशि दी जाएगी।
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इन व्यवस्थाओं को जांचा
- सातरोड़ व तोशाम रोड में एसटीपी
- आजाद नगर में सीवर डिस्पोजल
- सार्वजनिक शौचालय - ग्रीन स्कवेयर मार्केट, सातरोड़ व आजाद नगर
- सीवर लाइन - विनोद नगर, शिव नगर, डीसी कॉलोनी, एमसी कॉलोनी, मॉडल टाउन, आजाद नगर, प्रेम नगर व प्रीति नगर
शहरवासियों सहित सीवर मैन से लिया फीडबैक
टीम ने सोमवार को भी करीब 80 शहरवासियों से सीवर व्यवस्था को लेकर फीडबैक लिया। टीम ने लोगों से पूछा कि शहर में सीवर लाइनों की स्थिति कैसी है। सीवर की सफाई कैसे करवाई जाती है और कितने समय में सीवर संबंधी समस्या का समाधान किया जाता है। इसके अलावा टीम ने पांच सीवर मैन से बातचीत की और पूछा कि सफाई के लिए आपको सीवर में तो नहीं उतारा जाता और आपको सेफ्टी किट उपलब्ध कराई जाती है या नहीं। बता दें कि टीम ने अपने इस दौरान 150 शहरवासियों और 30 सीवर मैन व एसटीपी पर कार्यरत कर्मचारियों से बातचीत की।
वर्जन
दो सदस्यीय टीम ने सर्वे किया है। सर्वे के तहत डिस्पोजल, एसटीपी व सीवर लाइनों का निरीक्षण किया गया। सर्वे के दौरान टीम लाइव रिपोर्ट भेज रही थी।
-जसबीर पंघाल, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग।
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