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Hisar HAU: एबिक सेंटर ने मांगे आवेदन, आपका एक बिजनेस आइडिया दिला सकता है 25 लाख, युवाओं के लिए अवसर

Fri, 28 Jul 2023 12:43 PM IST
नवीन दलाल माई सिटी रिपोर्टर, हिसार (हरियाणा)

सार

चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति एवं एबिक के अध्यक्ष प्रो. बी.आर. काम्बोज के अनुसार इस सेंटर के माध्यम से युवा, किसान व उद्यमी मार्केटिंग, नेटवर्किंग, लाईसेंसिंग, ट्रैडमार्क व पेटेंट, तकनीकी व फंडिग से संबंधित प्रशिक्षण लेकर कृषि क्षेत्र में अपने स्टार्टअप को नया आयाम दे सकते हैं।
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एग्रीबिजनेस इंक्यूबेशन सेंटर (एबिक) कार्यक्रमों से संबंधित पुस्तक का विमोचन करते हुए। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अगर आपके पास कोई बिजनेस करने का नया तरीका या आइडिया है तो वह आपको स्वावलंबी बनाने में सहायक हो सकता है। यह आइडिया आपको चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में नाबार्ड व कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के वित्तीय सहयोग से स्थापित एग्रीबिजनेस इंक्यूबेशन सेंटर (एबिक) के माध्यम से 5 से 25 लाख रुपये की अनुदान राशि दिला सकता है। यह अनुदान राशि एक प्रक्रिया के तहत केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा दी जाएगी। इसके लिए आपको सिर्फ चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय की वेबसाइट hau.ac.in पर 28 अगस्त, 2023 तक ऑनलाइन आवेदन करना है।

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इनोवेटिव आइडिया को मिल सकती है 25 लाख तक की ग्रांट
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति एवं एबिक के अध्यक्ष प्रो. बी.आर. काम्बोज के मुताबिक इस सेंटर के माध्यम से युवा, किसान व उद्यमी मार्केटिंग, नेटवर्किंग, लाइसेंसिंग, ट्रेडमार्क व पेटेंट, तकनीकी व फंडिंग से संबंधित प्रशिक्षण लेकर कृषि क्षेत्र में अपने स्टार्टअप को नया आयाम दे सकते हैं। इसके लिए ‘पहल’ व ‘सफल’-2023 नाम से दो प्रोग्राम हैं, जिसमें ‘पहल’ प्रोग्राम में 5 लाख रुपये, जबकि ‘सफल’ प्रोग्राम में 25 लाख रुपये की अनुदान राशि का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि पिछले चार वर्षों में 55 स्टार्टअप को केंद्रीय कृषि एवं कृषि कल्याण मंत्रालय द्वारा 6 करोड़ 54 लाख की राशि स्वीकृत की जा चुकी है। कुलपति ने उक्त कार्यक्रमों से संबंधित विवरण पुस्तिका का विमोचन भी किया।

आवेदकों के लिए आयु व शिक्षा नहीं बनेगी बाध्यता
आवेदक को अपने आइडिया का प्रपोजल ऑनलाइन आवेदन करना है, जोकि नि:शुल्क है। इसके बाद उस आइडिया का यूनिवर्सिटी वैज्ञानिक व इंक्युबेशन कमेटी आरआईसी द्वारा दो महीने के प्रशिक्षण के लिए चयन किया जाएगा। दो महीने के प्रशिक्षण के बाद दोबारा यही कमेटी आवेदक के आइडिया को प्रस्तुत करवाएगी और चयनित आवेदक के नाम के प्रस्ताव को अनुदान राशि के लिए कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय भारत सरकार के पास भेजा जाएगा। अनुदान राशि देने का अंतिम फैसला मंत्रालय की कमेटी द्वारा किया जाएगा।
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एबिक सेंटर से प्रशिक्षित युवा दे पाएंगे दूसरे लोगों को भी रोजगार
कुलपति ने कहा युवाओं के लिए कृषि क्षेत्र में अपना व्यवसाय स्थापित करने का एक सुनहरा अवसर है। एबिक सेंटर से प्रशिक्षण व वित्तीय सहायता लेकर युवा रोजगार खोजने के बजाय रोजगार देने वाले बन सकते हैं। इस सेंटर के माध्यम से स्टार्टअप देश को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में अहम भूमिका निभाएंगे। इसके साथ ही युवा, किसान व उद्यमी एबिक सेंटर के माध्यम से कृषि के क्षेत्र में प्रोसेसिंग, मूल्य संवर्धन, सर्विसिंग, पैकजिंग व ब्रांडिग करके व्यापार की अपार संभावनाएं तलाश सकते हैं।

उन्होंने कहा कि इस सेंटर से अब तक जुड़े युवा उद्यमी व किसानों ने न केवल अपनी कंपनी का टर्न ओवर करोड़ों रुपये तक पहुंचाया है, अपितु दूसरे लोगो को रोजगार भी प्रदान किया है। इस अवसर पर एबिक के डायरेक्टर डॉ. अतुल ढींगड़ा, अनुसंधान निदेशक डॉ. जीतराम शर्मा, प्रिंसिपल इन्वेस्टीगेटर (आरकेवीवाई) डॉ. राजेश गेरा, मीडिया एडवाइजर डॉ. संदीप आर्य व एबिक के बिजनेस मैनेजर विक्रम सिंधु मौजूद रहे।

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