हरियाणा हिसार मंडल को ड्रग एवं हिंसा से मुक्त करने के लिए आईजी राकेश कुमार आर्य ने स्थायी एवं संपूर्ण अभियान की शुरुआत की है। आईजी ने कहा कि ड्रग के सेवन से होने वाली मौत पर अब इत्तफाकिया कार्रवाई नहीं, बल्कि अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया जाएगा।
हिसार से डीएसपी जोगिन्दर शर्मा को पर्यवेक्षक अधिकारी व निरीक्षक वीरेंद्र कुमार को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। टीम में एसआई सत्यवीर सिंह, एएसआई सीमा रानी, मुख्य सिपाही चांदवीर, ईएचसी कुलदीप, ईएचसी देवंद्र, महिला सिपाही आशा की इसमें ड्यूटी लगाई गई है। वहीं ड्रग प्रभावित गांव पीरावाली, रावतखेड़ा, सीसवाल,, सदलपुर, गांव बधावड़ गांवों में अभियान चलाया जाएगा।
सिरसा में डीएसपी संजय कुमार को पर्यवेक्षक अधिकारी व निरीक्षक मंजू सिंह को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। टीम में एसआई चांद सिंह, एएसआई धर्मपाल, प्रधान सिपाही कुलदीप सिंह, ईएचसी सर्वजीत कौर, सिपाही ज्योति वर्मा की ड्यूटी लगाई गई है। ड्रग प्रभावित गांव खरैकां, मल्लेकां, जंडवाला जाटान, गुडिया खेड़ा, गांव ख्योवाली में अभियान चलाया जाएगा।
फतेहाबाद में डीएसपी सुभाष चंद्र को पर्यवेक्षक अधिकारी व पीएसआई दीपक सिंगला को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। टीम में एएसआई प्रदीप कुमार, ईएएसआई सुंदर लाल, ईएचसी कृष्णा देवी व सिपाही बीर सिंह की ड्यूटी लगाई गई है। ड्रग प्रभावित गांव अयालकी, हिजरावां कलां, ब्राह्मणवाला, महमडा, गांव रतनगढ़ में अभियान चलाया जाएगा।
हांसी में डीएसपी राज सिंह को पर्यवेक्षक अधिकारी व निरीक्षक निर्मला को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। टीम में एएसआई सुरेंद्र सिंह, मुख्य सिपाही कृष्ण कुमार, ईएएसआई सुभाष चंद्र, ईएचसी मीनाक्षी, सिपाही विनोद कुमार की ड्यूटी लगाई गई है। ड्रग प्रभावित गांव राजथल, सुलचानी, सिसाय, डाटा, गांव बास में अभियान चलाया जाएगा।
जींद में एएसपी कुलदीप सिंह को पर्यवेक्षक अधिकारी नियुक्त किया गया है। निरीक्षक चरणजीत को नोडल अधिकारी लगाया गया है। टीम में ईएएसआई बलजीत, ईएचसी राजेंद्र, ईएचसी राजेश, ईएचसी सुदेश की ड्यूटी लगाई गई है। ड्रग प्रभावित गांव चमोल कॉलोनी, रसीदा, वाल्मीकि बस्ती, रामराये गेट, गांव आफताब गढ़, गांव डूमरखां कलां में अभियान चलाया जाएगा।
आईजी ने कहा कि ड्रग के सेवन से किसी की जान जाने पर इत्तफाकिया कार्रवाई की जाती थी। अब ऐसा नहीं होगा। अब ड्रग के सेवन से किसी की जान जाती है तो अज्ञात के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उस केस में तह तक जाया जाएगा कि ड्रग कहां से आया। किस तरह के ड्रग से उसकी जान गई। इससे ड्रग तस्करों पर शिकंजा और अधिक कसा जाएगा। उन्होंने कहा कि पिछले दो महीने में पांच मामलों में इसी तरह जांच की जा रही है। हालांकि उनमें कार्रवाई इत्तफाकिया की गई थी।
आईजी ने कहा कि पहले ग्रामीण क्षेत्र में जागरूकता अभियान चलेगा। उसके बाद शहरी क्षेत्र में ये अभियान चलाया जाएगा। इसके साथ ही ड्रग तस्करों पर कार्रवाई जारी रहेगी। बीच-बीच में ड्रग तस्करों को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाए जाएंगे।
आईजी ने कहा कि यूनिवर्सिटियों में व हॉस्टल में भी कई युवा नशे का सेवन कर लेते हैं। ऐसे में मंडल के अंतर्गत पांचों जिलों की सभी विश्वविद्यालयों के वीसी से संपर्क साधा है। उन्हें पत्र लिखकर कहा गया है कि जिस तरह पुलिस नशे के सौदागरों तक पहुंचकर नेटवर्क का खात्मा करती है। उसी तरह वह भी यहां कार्रवाई करें व नशे का खात्मा करें।