मानसून से पहले जवाहर चौक में सीवरेज ओवरफ्लो
चिल्ली में बंद की गई पानी निकासी, रविवार की बारिश से दुकानों के आगे जमा हुआ पानी
मानसून में फिर बिगड़ेंगे हालात, जनस्वास्थ्य विभाग तीन साल में कोई भी प्रोजेक्ट नहीं चढ़ा पाया है सिरे
फोटो नंबर 23
संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहाबाद। मानसून से निपटने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग कितना तैयार है इसकी पोल अभी से खुलनी शुरू हो गई है। जवाहर चौक में रविवार को सीवरेज ओवरफ्लो हो गया और सड़क पर पानी जमा हो गया। हालात ये हो गए कि दुकानों के आगे पानी जमा रहा, इसके चलते दुकानदार दुकानें खोल ही नहीं पाए। चिल्ली क्षेत्र में पानी निकासी बंद होने के कारण सीवरेज ओवरफ्लो हो गए और जवाहर चौक में पानी चैंबर से बाहर निकलने लगा।
शनिवार रात को आई हल्की बारिश के बाद ही हालात बिगड़ गए। चिल्ली क्षेत्र में सीवरेज का पानी जाता है। यहां झील में गाद निकालने के काम के चलते पानी निकासी को बंद कर दिया गया। पानी निकलने का रास्ता न होने के कारण रविवार को सीवरेज ओवरफ्लो हो गए और दुकानों के आगे पानी जमा होना शुरू हो गया। अधिकारियों का कहना है कि मोटर के जरिये पानी डिस्पोजल टैंक में डाला जाता है और फिर यहां से एसटीपी में जाता है लेकिन बिजली सप्लाई न होने के कारण दिक्कत आई है।
चिल्ली से रंगाई का प्रोजेक्ट नही चढ़ा सिरे
जनस्वास्थ्य विभाग तीन साल में कोई भी प्रोजेक्ट पानी निकासी का सिरे नहीं चढ़ा पाया है। चिल्ली से रंगाई नाले में पानी निकालने के लिए करीब आठ करोड़ से पाइप लाइन बिछाई जा चुकी है। लेकिन अभी काम पूरा नहीं हुआ है। जवाहर चौक से पानी निकासी के लिए चिल्ली में बने डिस्पोजल टैंक तक भी पाइप लाइन जोड़ी जा चुकी है लेकिन अभी तक पानी निकासी शुरू नहीं की गई है।
धर्मशाला रोड डिस्पोजल टैंक का काम भी अटका
धर्मशाला रोड, तुलसी दास चौक से पानी निकासी के लिए कन्या स्कूल के बाहर डिस्पोजल टैंक बनाया जा रहा है। टैंक तैयार हो चुका है लेकिन अभी तक मोटरें नहीं आई है। इसके अलावा संन्यास आश्रम रोड से जवाहर चौक तक पाइप लाइन बिछाने का काम भी पूरा नहीं हुआ है। शनिवार को पाइप लाइन डालने का काम शुरू किया गया लेकिन बीच में छोड़ दिया गया। मानसून आने में एक माह का समय रह गया है लेकिन अभी तक कोई भी प्रोजेक्ट सिरे नहीं चढ़ा है।
कोट
बिजली न होने के कारण नहीं चल पाई मोटरें
शनिवार रात को मौसम खराब होने के कारण बिजली सप्लाई नहीं थी और इस कारण से मोटर नहीं चल पाई। मोटर के जरिये पानी एसटीपी में भेजा जाता है लेकिन अब स्थिति ठीक हो गई है।
-बलविंद्र कुमार, कनिष्ठ अभियंता, जनस्वास्थ्य विभाग