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शहीद जयपाल की पत्नी बोलीं- बेटे को भी पढ़ा लिखाकर आर्मी में भेजूंगी

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बेटे का पार्थिव शरीर पहुंचने पर हाथ जोड़कर नमन करतीं मां पतासो देवी। संवाद - फोटो : Fatehabad
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टोहाना। जम्मू कश्मीर के शोपिया-कुपवाड़ा में शहीद हुए गांव हांसावाला के 30 वर्षीय जवान नायक जयपाल गिल का पार्थिव शरीर मंगलवार सुबह साढ़े दस बजे गांव में पहुंचा। गांव की श्मशान भूमि पर राजकीय सम्मान के साथ शहीद को अंतिम विदाई दी गई। शहीद जयपाल के 5 वर्षीय बेटे ने पिता को मुखाग्नि दी। शहीद का परिवार जवान बेटे की मृत्यु पर दुखी था, लेकिन शहादत पर गर्व भी महसूस हो रहा था। अंतिम संस्कार में परिवारजनों के अलावा एसडीएम चिनार चहल, सूबेदार जगराज सिंह, तहसीलदार रमेश कुमार सहित, डीएसपी बिरम सिंह, एसएचओ विनोद कुमार व सेना के अधिकारी शामिल हुए। शहीद को हरियाणा सार्वजनिक उपक्रम ब्यूरो के चेयरमैन सुभाष बराला, पूर्व चेयरमैन श्री निवास गोयल, विधायक देवेंद्र बबली के भाई विनोद बबली, डॉ. विरेंद्र सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष बलदेव ग्रोहा, इनसो जिलाध्यक्ष जतिन खिलेरी, हरि सिंह डांगरा, निवर्तमान पार्षद राजपाल सैनी ने पहुंचकर शहीद को नमन किया।
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सुरेवाला चौक से गांव ले जाया गया पार्थिव शरीर
शहीद जयपाल गिल का पार्थिव शरीर रात को ही हिसार पहुंचा। उसके बाद युवा गांव सुरेवाला से देशभक्ति के गीतों को चलाते हुए हाथ में तिरंगा लेकर हांसावाला पहुंचे। शहीद जयपाल का पार्थिव शरीर जब उनके घर की गली में पहुंचा तो मां पतासों देवी ने दूर से हाथ जोड़कर अपने बेटे को नमन किया। उसकी शहादत को सलाम किया। वहीं सुबह के समय शहीद की पत्नी पूजा की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया। दवा देने के बाद जब होश आया तो उसे घर वापस लेकर आए। शहीद के पिता वेदप्रकाश व भाई मनोज की आंख से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। गांव के लोगों ने परिजनों को ढांढ़स बंधाया कि बेटे ने देश के लिए बलिदान दिया है।
40 गांवों के लोग पहुंचे अंतिम संस्कार पर
शहीद जयपाल गिल के पार्थिव शरीर के मंगलवार को गांव में पहुंचने की सूचना सोशल मीडिया पर पाकर क्षेत्र के करीब 40 गांवों के लोग शहीद को नमन करने के लिए पहुंचे। उपमंडल के गांव कन्हड़ी, समैन, भीमेवाला, बिठमड़ा, डांगरा, ललौदा, नांगला, नांगली, रत्ताखेड़ा, बिढाईखेड़ा, जमालपुर, अकांवाली, पोले वाला कोठा, अकांवाली, पिरथला, पारता, सनियाना, ठरवा, ठरवी, गाजूवाला, मदनपुरा, उकलाना सहित अनेक गांवों से लोगों ने पहुंचकर शहीद जयपाल गिल अमर रहे के नारे लगाकर नमन किया।
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बेटे को भी पढ़ा-लिखाकर आर्मी में भेजूंगी : शहीद की पत्नी
शहीद की पत्नी पूजा ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, मुझे अपने पति की शहादत पर गर्व है और मैं उन्हें सेल्यूट करती हूं। अब अपने बेटे प्रीत को भी बड़ा होने पर आर्मी में भेजूंगी। बीते शुक्रवार को ही वीडियो कॉलिंग पर मेरी पति से बात हुई थी। उन्होंने अगले महीने घर आने का कहा था, लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था। मेरे पति ने देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी है जिसका पूरे परिवार, गांव, प्रदेश व देश को गर्व है।
बेटे के जाने का दुख कम, गर्व ज्यादा है : पतासो देवी
शहीद की माता पतासो देवी ने भी अपने बेटे की वीरगति को प्राप्त होने पर कहा कि मुझे गर्व है कि मेरे बेटे ने देश की रक्षा करते हुए अपने प्राण दिए हैं। मेरे जैसी अन्य महिलाओं के भी ऐसे सुल्तान पैदा हों, जो देश की सेवा में लगें। जब पोता जवान हो जाएगा तो उसे भी पढ़ा-लिखाकर आर्मी में भेजेंगे। महिलाओं को संदेश दिया कि बच्चों को खूब पढ़ा-लिखाकर देश सेवा में लगाएं। बेटे को सलामी देने के लिए इतनी बड़ी संख्या में लोग आए हैं, इस पर उन्हें गर्व है।
11 केवी लाइन से करंट लगने से हुआ हादसा
इस दौरान आर्मी से सूबेदार जगराज सिंह ने बताया कि शहीद नायक जयपाल सिंह जम्मू के पुलगांव के नियामा में शहीद हुए हैं। उन्होंने बताया कि वे एक आपरेशन के तहत कार्य कर रहे थे। वहीं फोन पर बातचीत में शहीद जयपाल की बटालियन 34 आरआर के कैप्टन आशुतोष वर्मा ने बताया कि आतंकियों के सर्च ऑपरेशन के दौरान 11 केवी लाइन की तार से करंट लगने से जयपाल शहीद हुए हैं, वे बहुत ही मेहनती आर्मी मैन थे।
सरकार नियमानुसार करेगी परिवार की मदद
हरियाणा सार्वजनिक उपक्रम ब्यूरो के चेयरमैन सुभाष बराला ने कहा कि जम्मू कश्मीर में आतंकियों के खिलाफ वहां के सुरक्षा बलों की मुहिम चल रही है। इसी मुहिम के तहत जयपाल की जान गई है। उन्होंने कहा कि जीना तो सब जीवों के लिए होता है, लेकिन जो लोग अपने जीवन को शहीद जयपाल की तरह सार्थक करके जाते हैं, इससे बड़ी कुर्बानी देश के लिए हो नहीं हो सकती। वे अपनी, अपने परिवार व भाजपा की ओर से शहीद को नमन करते हैं। परिवार की मदद के सवाल पर बराला ने कहा कि देश के लिए शहादत देना बहुत बड़ी बात है, केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा नियमानुसार इस परिवार की मदद की जाएगी। इस दौरान ग्रामीणों ने केंद्र व प्रदेश सरकार से परिवार में सरकारी नौकरी, आर्थिक मदद व शहीद का स्टेच्यू लगाने की मांग की। इस अवसर पर गांव पिरथला से दलबीर सिंह, अमरीक नैन, पारता से पवन मेहला, गाजूवाला से विजय हरिपाल, डांगरा से रमेश कुमार, किसान मोर्चा से रणजीत सिंह ढिल्लों, सनियाना बलजिंद्र बाजवा, डॉ. महेंद्र, जवान हरपाल सिंह, डॉ. गोपी आदि उपस्थित थे।

शहीद की अंतिम यात्रा में शामिल जन समूह। संवाद- फोटो : Fatehabad

शहीद के पिता को तिरंगा भेंट करते सेना के अधिकारी। संवाद- फोटो : Fatehabad

शहीद को सलामी देते सेना के जवान। संवाद- फोटो : Fatehabad

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