फतेहाबाद की पुरानी अनाज में रखी धान की ढे़रियां
फतेहाबाद। जिले की अनाज मंडियों में इन दिनों धान खरीद का काम अंतिम चरण में पहुंच चुका है। प्रदेश सरकार की ओर से 25 नवंबर को परमल धान की खरीद बंद करने के बाद निजी खरीदारों के पास ही धान की फसल पहुंच रही है। इस बार धान की सरकारी खरीद पर किसानों को कई-कई दिनों तक मंडी में रातें गुजारनी पड़ी थी जबकि प्राइवेट खरीद पर किसानों को धान की फसल बेचने में कोई परेशानी नहीं झेलनी पड़ी है। बाढ़ के कारण दोबारा से धान की फसल की बिजाई करने वाले किसान एमएसपी रेट से वंचित रह गए हैं। सोमवार को फतेहाबाद की पुरानी अनाज मंडी में धान की फसल बेचने आए किसान कृष्ण कुमार, अनिल कुमार, राजेश, बरकार सिंह और रमेश कुमार आदि ने बताया कि निजी व्यापारी धान की सभी किस्मों को मंडी में आते ही सफाई करवा कर खरीद रहे हैं, जिससे किसानों को ज्यादा समय तक मंडी में खरीद का इंतजार नहीं करना पड़ता।
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मैं फतेहाबाद की पुरानी अनाज मंडी में दो एकड़ धान की फसल को लेकर सोमवार सुबह ही आया था। मंडी में आते ही मेरी धान की फसल की सफाई हो गई और व्यापारियों ने मेरे धान की किस्म 1886 की खरीद 4840 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से की है।
कृष्ण कुमार, किसान, गांव बनगांव
मैं अपनी धान की फसल की किस्म 1121 को रविवार शाम को फतेहाबाद की अनाज में लेकर आया था। सोमवार सुबह ही मेरी फसल की 4900 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से खरीद हो गई। अब खरीद प्रक्रिया अंतिम चरण में चल रही है।
रमेश कुमार, किसान, खुंबर
मैं धान की किस्म 1509 को सोमवार सुबह मंडी में लेकर आया था। मंडी में आते ही धान की फसल की सफाई हो गई। मेरी फसल का भाव 4140 रुपये लगा है, जो मेरे हिसाब से जायज है।
बरकार सिंह, किसान, मताना
मैं फतेहाबाद की पुरानी अनाज मंडी में धान की फसल सोमवार को ही लेकर आया हूं। खत्म होते सीजन को देखते हुए व्यापारी ज्यादा से ज्यादा धान की फसल को खरीदने की कोशिश कर रहे हैं। इस कारण किसानाें को उचित भाव मिल रहा है।
राजेश, किसान, गांव बड़ोपल