फतेहाबाद। घग्गर नदी में प्रदूषित पानी को रोकने और राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) के निर्देशानुसार उपायुक्त महावीर कौशिक की अध्यक्षता में जिला टास्क फोर्स की बैठक हुई। इसमें घग्गर नदी में गंदा पानी न आए, के लिए प्रबंधों व उपायों पर विचार विमर्श किया गया। उपायुक्त ने एसडीएम टोहाना की अध्यक्षता में कमेटी का गठन करते हुए कमेटी सदस्यों को निर्देश दिए कि वे हर माह घग्गर नदी का भ्रमण कर यह जांचेगे कि उसमें दूषित पानी तो नहीं डाला जा रहा है। कमेटी में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एसडीओ, पंचायत विभाग के कार्यकारी अभियंता, एडवोकेट कौशल मेहता और एसएचओ जाखल को शामिल किया गया है। यह कमेटी 9 सितंबर को गांव तलवाड़ा, तलवाड़ी और सिधानी का दौरा करेगी।
प्रदूषण की बनी गंभीर समस्या
उपायुक्त महावीर कौशिक ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गांव का दूषित पानी किसी भी सूरत में घग्गर में न डाला जाएं। उन्होंने पंचायती राज विभाग को निर्देश दिए कि वे यह सुनिश्चित करें कि गांव के गंदे पानी की निकासी का डिस्पोजल घग्गर में न करके अन्य स्थान पर किया जाए। उपायुक्त ने कहा कि प्रदूषण गंभीर समस्या है। गांव के गंदे पानी और फैक्ट्रियों के प्रदूषित जल से घग्गर नदी प्रभावित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग अगर इस विषय पर कोई उपाय नहीं करते हैं तो एनजीटी के आदेशों के तहत प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड उन पर जुर्माना भी लगा सकते हैं। बैठक में डीडीपीओ बलजीत चहल, कार्यकारी अभियंता मनदीप बेनीवाल, आदर्श सिंगला, नप ईओ ऋषिकेश वर्मा, एडवोकेट कौशल मेहता सहित संबंधित विभाग के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।