हरियाणा में निजी क्षेत्र की नौकरियों में स्थानीय युवाओं को 75 फीसदी आरक्षण का कानून छह नवंबर से लागू हो गया। इसे 15 जनवरी 2022 से प्रभावी माना जाएगा। 30 हजार रुपये मासिक वेतन तक के पदों पर ही आरक्षण का लाभ मिलेगा। सरकार ने शनिवार को अधिसूचना जारी करने के साथ ही 2024 तक बेरोजगार मुक्त-रोजगार युक्त हरियाणा का लक्ष्य रखा है।
हरियाणा राज्य के स्थानीय उम्मीदवारों का नियोजन अधिनियम, 2020 दस वर्ष तक ही अस्तित्व में रहेगा। सरकार ने इसे 15 अक्तूबर को दशहरा के दिन से लागू करना था, लेकिन ऐलनाबाद उपचुनाव की आचार संहिता के कारण अधिसूचना अटक गई। कानून के लागू होने से जजपा का चुनावी घोषणा पत्र का बड़ा वादा पूरा हो गया है।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बताया कि 15 जनवरी तक कंपनियों को अपने कर्मचारियों के बारे में श्रम एवं रोजगार विभाग के पोर्टल पर जानकारी देनी होगी। आईटीआई पास युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता मिलेगी। ईंट-भट्ठों पर कानून लागू नहीं होगा। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग केउपनिदेशक स्तर के अधिकारी क्रियान्वयन की निगरानी करेंगे।
अगर कोई कंपनी, फैक्टरी, संस्थान व ट्रस्ट अपने कर्मचारियों की संख्या छिपाएगा तो जुर्माना लगेगा। जो कंपनी अपने कर्मचारी की सूचना पंजीकृत नहीं करवाएगी, उसे कानून के सेक्शन-3 के तहत 25 हजार से एक लाख रुपये तक जुर्माना लगेगा। बावजूद इसके उल्लंघन पर हर रोज पांच हजार रुपये जुर्माना का प्रावधान है।
उन्होंने प्रदेश के युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि युवाओं को किसी प्रकार की कोई चिंता करने की आवश्यकता नहीं। प्रदेश सरकार हर समय उनके साथ खड़ी है। रोजगार के अवसर निरंतर सुनिश्चित किए जा रहे हैं। वर्तमान सरकार ने सत्ता में आने से पूर्व यह वादा किया था, जिसे सरकार ने महज 2 वर्षों के अंतराल में ही पूरा कर दिया। यह अभूतपूर्व कदम है, जिससे हजारों युवा लाभान्वित होंगे।
नई भर्तियों में देना होगा आरक्षण का लाभ : दुष्यंत
उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि सभी नियोक्ताओं को श्रम विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध नामित पोर्टल पर सकल मासिक वेतन या तीस हजार रुपये तक वेतन प्राप्त करने वाले अपने सभी कर्मचारियों को पंजीकृत करना अनिवार्य है। वे सभी नई भर्तियों में ऐसे पदों के लिए 75 प्रतिशत (शर्त के अधीन) स्थानीय उम्मीदवारों को नौकरी देंगे। युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने के साथ-साथ उद्योगों की प्रगति और अर्थव्यवस्था के बीच सही संतुलन बनाना समय की जरूरत है। सरकार के निर्णय से युवाओं को बहुत अधिक लाभ होगा। कानून को बनाने से पहले मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में औद्योगिक संघों, उद्यमियों और अन्य हितधारकों के साथ कई बैठकें कर उनके सुझाव लिए गए। अब इसके माध्यम से नए रोजगारों में 75 प्रतिशत स्थानीय उम्मीदवारों के लिए सुनिश्चित हो सकेगा। पुराने रोजगार पर इससे कोई खतरा नहीं है।
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विधेयक से अधिनियम बनने तक
- हरियाणा राज्य के स्थानीय उम्मीदवारों का नियोजन विधेयक, 2020 को सकरार ने 2 मार्च 2021 को विधानसभा में पारित कराया
- राज्यपाल के अनुमोदन के बाद यह कानून बन गया। इस अधिनियम की धारा 1 (3) के अनुसार, हरियाणा सरकार ने आधिकारिक राजपत्र में 6 नवंबर 2021 को अधिसूचना जारी की
- नियुक्तियों के लिए वेतन की ऊपरी सीमा को पचास हजार रुपये से घटाकर तीस हजार रुपये किया गया है।
- दस या अधिक व्यक्तियों वाली कंपनियों, संस्थानों, ट्रस्ट में यह लागू होगा।