आदेश की प्रति के साथ पूर्व सरपंच शेर सिंह जांगड़ा व नंबरदार महिपाल।
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चरखी दादरी। गांव कलियाणा में कई वर्षों की लंबी कानूनी लड़ाई के बाद आखिरकार फुसला ग्रामीणों के हक में आया है। अवैध कब्जों को लेकर दी गई शिकायत पर संज्ञान लेते हुए जिला उपायुक्त ने करीब 25 एकड़ शामलाती भूमि से कब्जा हटाने के आदेश दे दिए है। कलियाणा के पूर्व सरपंच शेर सिंह जांगडा व नंबरदार महिपाल ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि गांव की शामलाती जमीन को एक ग्रामीण ने राजस्व विभाग में फर्जी तरीके से चढ़वाकर अवैध कब्जा किया हुआ है। इस जमीन पर उक्त व्यक्ति का परिवार पिछले करीब 40 सालों से खेती कर रहा है। इस गोलमाल में तत्कालीन पंचों की भी मिलीभगत रही। सन 2013 में तत्कालीन भिवानी जिला उपायुक्त अशोक मीणा के दरबार में अपील दायर की थी। उन्होंने जांच पड़ताल के उपरांत ग्रामीणों के हक में निर्णय सुनाया था। तत्कालीन दादरी सहायक कलेक्टर को आदेश पारित किए थे कि मामले का तीन माह में निपटारा करवाते हुए कलियाणा के ग्रामीणों को शामलाती भूमि सुर्पर्द की जाए, लेकिन तत्कालीन कलियाणा ग्राम पंचायत के कुछ सदस्यों ने गलत हलफनामा देकर कब्जेधारियों को लाभ पहुंचाया।
इसके उपरांत कार्रवाई न होने पर पूर्व सरपंच शेर सिंह जांगड़ा ने पंजाब व हरियाणा उच्च न्यायालय चंडीगढ़ में सीडब्ल्यूपी 11820/2021 को रिट दायर की। इसमें दो न्यायाधीशों की कमेटी ने 13 जुलाई 2021 में निर्णय दिया कि एक माह के अंदर इस मामले को निपटाया जाए, ऐसा न होने पर प्रशासन पर 30 हजार जुर्माने के आदेश पारित किए। इसके बाद सहायक कलेक्टर जिला चरखी दादरी प्रथम श्रेणी, विकास पंचायत अधिकारी कंवर दमन सिंह ने निर्णय 20 अगस्त 2021 को गांव के हक में दिया। इसके साथ ही उन्होंने उपरोक्त कब्जाधारी पक्ष पर 30 लाख 75 हजार रुपये की जुर्माना राशी भी लगाई। इसके उपरांत कब्जा धारियों द्वारा जिला उपायुक्त दादरी के दरबार में अपील की। वर्तमान डीसी प्रदीप गोदारा ने पूरे मामले में सभी पक्षों को सुनने के बाद अभी तक हुई कार्रवाई का अवलोकन करने के बाद ग्रामीणों के पक्ष में फैसला दिया। ग्रामीणों ने इस पर उपायुक्त का आभार जताया।