सीआईए प्रथम टीम इंचार्ज इंस्पेक्टर योगेश कुमार के नेतृत्व में ईश्रवाल टी-प्वाइंट पर थी। तभी टीम को सूचना मिली कि एक जीप में तीन वांछित अपराधी कासनी कलां से शेरला होते हुए ढाणी केहरा जाएंगे। जिसके बाद टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर गांव शेरला के कच्चे रास्ते पर नाकाबंदी की।
एक बिना नंबर की जीप आती दिखी। टीम ने रुकने का इशारा किया तो बदमाशों ने नाका तोड़ते हुए अपनी गाड़ी दौड़ा दी। सीआईए टीम ने पीछा किया। इस दौरान पुलिस टीम की बदमाशों से झड़प भी हुई। टीम ने बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए बदमाशों की पहचान 50 हजार के इनामी बदमाश राजेश ढाणी केहरा, पांच हजार के इनामी बदमाश बंसीलाल उर्फ बंसी व अशोक के रूप में हुई।
तीनों बदमाशों का बड़ा आपराधिक रिकॉर्ड
50 हजार के इनामी बदमाश राजेश ढाणी केहरा पर हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, दिल्ली में हत्या के केस दर्ज हैं। प्राथमिक जांच में उस पर 12 केस सामने आए हैं। राजस्थान के प्रदीप स्वामी के अलावा उसके साथी अजय जैतपुरा मर्डर में भी उसका नाम है।
राजस्थान के चर्चित बदमाश हत्याकांड में उसका नाम है और दिल्ली के मर्डर मामले में भी वह नामजद है। राजस्थान के बड़ासर बड़ी निवासी बंसीलाल बंसी पर 19 केस दर्ज हैं। उस पर पांच हजार रुपये इनाम भी है। ईश्रवाल निवासी तीसरे आरोपी अशोक पर हरियाणा और राजस्थान में पांच केस दर्ज हैं।
ये सामान हुआ बरामद
तीनों बदमाशों से पुलिस ने एक-एक अवैध पिस्तौल, चार-चार कारतूस बरामद किए। जीप की तलाशी लेने पर सीट के नीचे एक दुनाली बंदूक, जीप में पीछे रखे काले बैग से चार देसी पिस्तौल, 79 कारतूस, सात खाली मैगजीन बरामद की। इसके अलावा दो बुलेट प्रूफ जैकेट, दो वाकी-टॉकी सेट, सात मोबाइल फोन, एक डोंगल व एक बिना नंबर की जीप बरामद की।
सीआईए प्रथम ने गुप्त सूचना के आधार पर 50 हजार के इनामी बदमाश राजेश ढाणी केहरा, पांच हजार के इनामी बदमाश बंसीलाल उर्फ बंसी व अशोक को गिरफ्तार किया है। तीनों लॉरेंस बिश्नोई, संपत नेहरा व काला जठेड़ी गैंग के लिए काम करते हैं और राजस्थान में हत्याकांड के बाद भिवानी-दादरी में छिपे थे। बदमाश राजेश ढाणी केहरा संपत नेहरा व काला जठेड़ी गैंग का शॉर्प शूटर हैं। - अजीत सिंह शेखावत, पुलिस अधीक्षक।