अंबाला। साहब मैने पैसों के लालच और गलत संगत में पड़कर अपना भविष्य चौपट कर लिया। अब घर वालों के कैसे मुंह दिखाऊंगा। मंगलवार को रेलवे कोर्ट में पेश होने आए पंकज ने रोते हुए यह बातें कहीं। रिमांड खत्म होने के बाद जीआरपी ने उसे कोर्ट में पेश किया था, यहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।
जांच में पंकज ने यह भी कबूल किया कि इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड वह खुद था, उसने पैसों का लालच देकर ज्योति प्रकाश को इस खेल में शामिल किया था। उसके सिकंदराबाद, अलीगढ़ व सहारनपुर के लोगों से कभी कोई संबंध नहीं रहा, उसने जांच व जीआरपी को गुमराह करने के लिए ही पूरी कहानी रची थी।
यह था मामला
23 अगस्त को असली टीटीई की मौजूदगी में नकली टीटीई पंकज अपने साथी ज्योति प्रकाश के साथ ट्रेन नंबर 02312 कालका-हावड़ा में जांच कर रहा था। इस दौरान पंकज ने यात्रियों से 5800 रुपये लेकर उन्हें नकली रसीद दे दी। शक होने पर जब डी-3 कोच में बैठे यात्रियों ने इसकी जानकारी ट्रेन के छावनी स्टेशन पहुुंचने के बाद आरपीएफ एसआई कविता और एएसआई दान सिंह को दी तो उन्होंने पूरे खेल से पर्दा उठा दिया। आरोपी ने नकली आईडी, वर्दी व रसीद के सहारे धोखाधड़ी व ठगी की घटना को कबूल लिया।
नकली टीटीई आरोपी पंकज का रिमांड खत्म हो गया था। उसने अपना गुनाह कबूल लिया है। आरोपी को कोर्ट के आदेशानुसार जेल भेज दिया है।
-विलायती राम, प्रभारी जीआरपी थाना।