अंबाला में ऑस्ट्रेलिया भेजने व पीआर दिलवाकर के नाम पर महिला वकील से 42 लाख रुपये ठगने का मामला सामने आया है। पीड़ित ने थाने में शिकायत पर आपबीती सुनाई और ठगी का खुलासा किया। आरोप लगाया कि ऑस्ट्रेलिया में बैठी महिला ने अंबाला में रहने वाले अपने भाई व एक बहन की मदद से उसे पहले ऑस्ट्रेलिया भेजने का सपना दिखा और बाद में सारे पैसे हड़प लिए। वकील ने जेवरात गिरवी व लोन लेकर पैसे जुटाए थे।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू की
महेश नगर पुलिस ने कच्चा बाजार निवासी दर्पन कालरा, वंशू व मोना के खिलाफ मामला दर्ज कर गंभीरता से जांच शुरू कर दी है। पुलिस को दी शिकायत में महेश नगर के पंजाबी बाग निवासी किरन गर्ग ने बताया कि वह पेशे से वकील है। दर्पन कालरा करीबन 2 साल पहले भांजे परम के जरिए मिला था। दर्पन कालरा और उसकी दोनों बहनें वंशू और मोना विदेश भेजने का काम करती है। जबकि मोना ऑस्ट्रेलिया में रहती है।
कई ट्रांजेक्शन में लिए रुपये
दर्पन ने कई बार अपने मोबाइल फोन से अपनी बहन मोना के साथ व्हाट्सअप कॉल पर बात करवाई। मोना ने भी कई बार कहा कि ऑस्ट्रेलिया में पीआर दिलवा कर स्थाई रूप से सैटल करवा दूंगी। तभी 50 लाख रुपये में भेजने की बात बोली और 27 मार्च तक खाते में 10 लाख रुपये पार्ट पेमेंट जमा करवाने की बात कहीं। दर्पन के खाते में 5-5 लाख कर ट्रांसफर कर दिए। बाद में कहा कि वह जितना पैसा बोलेगा उतना खाते में जमा करवा देना ताकि वह पीआर की फाइल पास करवाने के लिए कई स्टेज पार कर सके।
जेवरात गिरवी व लोन लेकर जमा किए थे पैसे
शिकायतकर्ता ने कहा कि यूपीआई व आईएमपीएस के द्वारा ऑनलाइन अपने खाते से उनके खाते में अलग- अलग तारीख पर ट्रांसफर करती रही। पैसों की मांग को पूरा करने के चक्कर में अपने सारे सोने के जवरात मुथूट फाइनेंस अंबाला छावनी के पास गिरवी रख दिये। इसके अलावा मैने बैक ऑफ बडोदा छावनी ब्रांच से 5 लाख रुपये लोन लिये व दो अन्य जगह से 5 लाख रुपये का अन्य लोन लिया और वह पैसा भी दर्पन व उसकी बहनों के कहे अनुसार खाते में डाल दिया। अप्रैल 2023 के दूसरे सप्ताह में दस्तावेज ले लिए। 10 अप्रैल को 3 लाख 8 हजार रुपये ट्रांसफर करवाये। 11 मई की ऑस्ट्रेलिया की मेरी टिकटें तत्काल में बुक करवानी है। पैसे देने के बाद 15 मई को पूछा तो कहा कि वह विजा सहित सभी दस्तावेज दिल्ली में देंगे। आखिर में ऑस्ट्रेलिया नहीं भेजा और झूठे आश्वासन देकर टालते रहे। जब दिए गए 42 लाख रुपये वापस मांगे तो जान से मारने की धमकी देने लगे।