कॉमन फैसिलिटी सेंटर की खाली पड़ी जमीन में बांस की खेती होगी। इसके अलावा बांस के ट्रीटमेंट, कार्बोनाइजेशन और वैल्यू एडिशन प्रोसेसिंग के लिए यूनिट स्थापित किया जा चुका है। बांस से निकलने वाले वेस्ट के लिए प्राइमरी स्तर की प्रोसेसिंग यूनिट भी निर्मित होगी।
यह कॉमन फैसिलिटी सेंटर किसानों को प्रेरित व प्रशिक्षित करने, बांस से हस्तशिल्प बनाने एवं निर्मित उत्पाद की बिक्री के लिए बाजार का प्लेटफार्म भी उपलब्ध कराएगा। इस सेंटर में ‘लाइवली हुड बिजनेस इनक्यूबेटर’(एलबीआई) संचालित होगा।
यहां बांस से हस्तशिल्प, कुटीर उद्योग, फर्नीचर निर्माण, बांस बाजार, ग्रामीण क्षेत्रों में बांस की झोपड़ी बनाने का प्रशिक्षण देने के लिए कक्ष भी निर्मित होंगे। बांस रखने और निर्मित उत्पाद को रखने के लिए गोदाम होगा।