यानि कि निवेशक के फोलियो पर रोक लग जाएगी, जिससे वे खाते का संचालन नहीं कर पाएंगे। इसलिए सभी को व्यक्तिगत डीमैट खाताधारक और म्यूचुअल फंड (एमएफ) के अपने उत्तराधिकारी (नॉमिनी) को नामित करेंगे। इसके लिए संबंधित कंपनियों की ओर से लोगों को लिंक और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर मैसेज भेजे जा रहे हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, किसी दुर्घटना के बाद निवेशकों के कानूनी उत्तराधिकारियों को प्रतिभूति को लौटाने में दिक्कत न हो, इसके लिए ये कदम उठाए गए हैं।
सलाहकार म्यूचुअल फंड राकेश कुमार मिश्रा ने कहा कि भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी)ने जो आदेश दिए हैं। उससे किसी की रकम नहीं डूबेगी। लेकिन खाता का संचालन नहीं हो सकेगा। निर्धारित समय के बाद ही रकम की वापसी हो सकेगी। नामिनी को नामित करने के बाद कोई दिक्कत नहीं रहेगी। हर निवेशक को इसे अपडेट कराना चाहिए। इसके लिए अपने सलाहकार सभी संपर्क कर सकते हैं।
इसे भी पढ़ें: जांच में मामला निकला रहा फर्जी: बच्ची के साथ दुष्कर्म की पुष्टि नहीं, जांच में आरोपी बालक कलंक मुक्त
सलाहकार म्यूचुअल फंड अनिरुद्ध गुप्ता ने कहा कि इससे घबराने की जरूरत नहीं है। विभिन्न कंपनियोंं की ओर से अपने ग्राहकों को इस संबंध में सूचना दी जा रही है। सभी फोलियो होल्डर के लिए यह नियम लागू किया गया है। इससे नामिनी को किए जाने वाले भुगतान में कोई समस्या नहीं रहेगी। पूर्व में आने वाली समस्याओं को देखते हुए इसका निर्णय लिया गया है।
इसे भी पढ़ें: हाईवे पर हैवानियत: चलती कार में शराब पीकर अश्लील वीडियो देखकर दिनभर गैंगरेप, आपबीती सुनाकर रो पड़ी किशोरी
गोरखपुर लीड बैंक मैनेजर मनोज श्रीवास्तव ने कहा कि अब जो भी निवेश किए जा रहे हैं। उनमें नामिनी अनिवार्य कर दिया गया है। चार पांच साल पूर्व जिनके फोलियो बने हैं। उनमें ही तमाम लोगों ने नामिनी का जिक्र नहीं किया है। इस लिए इस प्रक्रिया को निवेशक निर्धारित समय सीमा में पूरा कराएं।