इस मांग को लेकर कर्मचारी यूनियन ने कर्मचारी भविष्य निधि कार्यालय को कई बार पत्र लिखा, लेकिन जब उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो यूनियन लीडर बनारसी सिंह हाईकोर्ट चले गए। कोर्ट ने 13 दिसंबर 2021 को इस मामले के निस्तारण कराने का आदेश दिया।
निस्तारण नहीं होने पर बनारसी सिंह फिर से हाईकोर्ट गए। इसके बाद हाईकोर्ट ने विगत 24 मई को तीन महीने के भीतर इस मामले के निस्तारण के आदेश दिए, लेकिन चार महीने बाद भी इस समस्या का समाधान नहीं हो सका।
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कर्मचारी भविष्य निधि संगठन कार्यालय गोरखपुर क्षेत्र आयुक्त शशांक जायसवाल ने कहा कि सरैया चीनी मिल के कर्मचारियों के अंशदान के ब्याज निर्धारण की प्रक्रिया चल रही है। इसको लेकर मुख्यालय से पत्राचार किया जा रहा है। जल्द ही मुख्यालय से ब्याज का निर्धारण कर लिया जाएगा।
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यूनियन लीडर बनारसी सिंह ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी कर्मचारी भविष्य निधि संगठन कार्यालय ने कर्मचारियों के ब्याज का निर्धारण नहीं किया है। अगर इस महीने ब्याज का निर्धारण नहीं हुआ तो अगले महीने हाईकोर्ट के आदेश की अवमानना की याचिका दायर की जाएगी।