बस्ती जिले के गौर थानाक्षेत्र के ढोढ़री गांव के पास हलुआ मोड़ पर मंगलवार तड़के हुई मुठभेड़ में एक बदमाश के पैर में गोली लगी। एसओजी टीम प्रभारी मृत्युंजय पाठक, प्रभारी निरीक्षक गौर संजय कुमार व सर्विलांस प्रभारी विजय कुमार सिंह की संयुक्त टीम के घेरने पर गोंडा जिले के हिस्ट्रीशीटर इंटु उर्फ रमेश ने पुलिस पर फायर झोंक दिया। जिनमें एसओजी के सिपाही अभिषेक तिवारी को गोली लगी।
जवाबी कार्रवाई में बदमाश के पैर में गोली लगी। घायल अवस्था में गौर सीएचसी में बदमाश और सिपाही को ले जाया गया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। बाइक चला रहा बदमाश का दूसरा साथी उस वक्त भाग निकलने में सफल रहा। जिसे बाद में पैना गांव के गन्ने के खेत से गिरफ्तार किया गया।
एसपी आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि दोनों से पूछताछ के आधार पर चोरी का सामान खरीदने वाले तीन अन्य आरोपितों को भी गिरफ्तार किया गया। इस सबके पास से 50 हजार रुपये से अधिक कीमत के जेवरत, बाइक, तमंचा, सब्बल आदि बरामद किया गया। गिरफ्तारअभियुक्तों में हिस्ट्रीशीटर रमेश निवासी बनधुसरा थानाखोड़ारे जनपद गोंडा के अलावा राम नयन निवासी मधुकरपुर, संजय सोनी निवासी वार्डनंबर चार भगत सिंह नगर बभनान थाना गौर, राजेश सोनी निवासीवार्ड नंबर 10 महागौरी नगर बभनान और हेमंत गुप्ता निवासी चौरी बाजार थाना परशुरामपुर शामिल हैं।
हिस्ट्रीशीटर रमेश पर गोंडा जिले के खोड़ारे थाने में चोरी, एनडीपीएस, आर्म्स एक्ट, गैगस्टर, जाब्ता फौजदारी के कई मुकदमे दर्ज हैं। रमेश ने पुछताछ में बताया कि उसका एक चोरी व नकबजनी का गिरोह है। इससे जो भी जेवरात व कीमती सामान मिलता है उसको बभनान बाजार के दो व्यक्ति व चौरीबाजार का एक व्यक्ति को बेचते हैं।
इस घटनाओं का हुआ खुलासा
दोनों ने कबूल किया कि रविवार की रात को सहसराव गांव के एक घर में नकब काटकर जेवर व नकदी चुराए थे। इससे पहले 29 जुलाई की रात को बरहपुर कुंवर गांव में नकब लगाकर जेवर नकदी मोबाइल चोरी की। 22 मार्च की रात में मड़हिया तिराहे पर जय हिंद स्टूडियो का ताला तोड़कर लैपटॉप, डेस्कटॉप आदि सामान की चोरी की थी। उसी रात वहीं के मेडिकल स्टोर का ताला तोड़कर कास्मेटिक व कुछ मशीन चुरा लिए थे। उसी रात गोपी नाथपुर बाजार में पतंजली स्वदेशी केंद्र के शटर का ताला तोड़कर सामान व पैसा चुराए। छह जुलाई की रात ग्राम गोपीनाथपुर के एक मकान में सेंध काटा। इन सब चोरियों का सारा सामान संजय सोनी, राजेश सोनी व हेमंत गुप्ता को बेचा था।