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गोरखपुर जेल में वापस लौटे पेरोल पर रिहा हुए 11 कैदी, अभी भी नौ लापता

Sun, 07 Feb 2021 04:51 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
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गोरखपुर जेल। - फोटो : अमर उजाला
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पैरोल पर रिहा हुए 11 कैदी गोरखपुर जेल में वापस आ गए हैं। उन्होंने अपनी आमद करा ली है। अभी भी  पैरोल पर रिहा हुए नौ कैदी लापता हैं। ये कैदी जिस जिले व राज्य के रहने वाले हैं वंहा की पुलिस उनकी तलाश कर रही है।
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जानकारी के मुताबिक, कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए प्रदेश की सभी जेलों से आठ हफ्ते की  पैरोल पर शासन द्वारा सात साल या उससे कम की सजा वाले अपराध में सजा काट रहे सजायाफ्ता कैदियों को रिहा किया गया था। गोरखपुर मंडलीय जेल से भी कुल 26 सजायाफ्ता कैदी रिहा हुए थे। इनमें बिहार के सिवान, गोपालगंज, दिल्ली, नोएडा, गोंडा, गोरखपुर, आजमगढ़, बहराइच , बाराबंकी आदि के रहने वाले कैदी थे।

पेरोल की अवधि दो बार आठ- आठ हफ्ते की बढ़ाने के बाद शासन ने बीते 14 नवंबर को  पैरोल की अवधि नहीं बढ़ाई और कैदियों को वापस जेल में आकर आमद कराने को कहा। जिसके बाद तीन कैदी तो जेल में आमद करा लिए लेकिन बाकी वापस नहीं आए। जिसके बाद जेल अधिकारियों ने स्थानीय पुलिस, प्रशासन व शासन के साथ ही जिस जिले के कैदी थे वंहा की पुलिस व प्रशासन को पत्र लिखकर उन्हें वापस लाने को कहा।
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कुछ दिन बाद तीन कैदी और वापस जेल आ गए। जिसके बाद जेल प्रशासन ने एक सप्ताह पूर्व फिर पत्र लिखा और वापस आने के लिए कुछ और समय दिया तथा यह भी हिदायत दी कि वापस नहीं आने पर और वापस न आ पाने का उचित कारण न बताने पर केस दर्ज कराया जाएगा। जिसके बाद शनिवार तक 11 और कैदी मंडलीय कारागार वापस आ गए और आमद करा ली।
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बाकी की सजा पूरी करने के बाद जेल में बितानी होगी बाहर रहने की अवधि

फिलहाल अभी भी बिहार व गोरखपुर तथा आसपास के जिलों के वौ कैदी लापता हैं। पुलिस उनके बारे में उनके घरवालों व गांववालो से जानकारी ले रही है कि वह कहां हैं, क्या कर रहे हैं और क्यों वापस नहीं आए। जेल प्रशासन ने भी सारी स्थितियों से डीजी जेल कार्यालय को अवगत करा दिया गया है। माना जा रहा है कि जल्द ही ऊपर से निर्देश आने पर लापता नौ कैदियों पर केस दर्ज हो सकता है।
 
जेल सूत्रों की माने तो इन बंदियों को जितने दिन के लिए पैरोल पर छोड़ा गया था वह छूट की अवधि जेल में बितानी होगी। यह अवधि उस सजा से अलग होगी जो उन्हें कोर्ट से अपराध साबित होने पर मिली थी। यानी जितने दिन की सजा उन्हें मिली थी उसमें से जितनी सजा वह पैरोल पर छूटने तक काट चुके थे वह छोड़कर जितने दिन की सजा काटनी शेष थी वह और पैरोल पर जितने दिन बाहर रहे वह तथा 14 नवंबर के बाद से जितने दिन तक वह जेल नहीं लौटे उतने दिन की बिलंब की अवधि अब उन्हें जेल में बिताना होगा। इस संबंध में वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. रामधनी ने बताया कि 26 कैदियों में से वर्तमान समय मे 17 जेल में वापस आ गए हैं। नौ आने अभी शेष हैं।
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