पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्तों ने बताया कि हम लोगों का संगठित गिरोह है। देवरिया, मऊ, आजमगढ़ गोरखपुर, बलिया, गाजीपुर व अन्य कई जिलों में लोगों का एटीएम कार्ड बदलकर रुपये निकालने की घटना को अंजाम देते हैं। अभी 17 अक्तूबर को बलिया रेलवे स्टेशन के पास एक व्यक्ति का एटीएम कार्ड बदलकर उसके खाते से रुपये निकाले थे।
अजय दूबे उर्फ छोटू बिहारी उर्फ बाबा ने पूछताछ में बताया कि वह वर्ष 2013 में दिल्ली में खराद की मशीन का काम करता था, वहीं मेरी मुलाकात धर्मेंद्र सिंह निवासी जौनपुर से हुई जो मुझे एटीएम कार्ड एक्सचेंज कर पैसे निकालने के बारे में बताया था। बाद में हम लोग साथ में मिलकर काम करना शुरू कर दिए।
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पहली बार थाना धनघटा जनपद संतकबीरनगर से एटीएम कार्ड बदलकर पैसे निकालने के मामले में जेल गया और जेल से छूटने के बाद सुरजीत बिंद उर्फ छोटे लाल निवासी बांसगांव गोरखपुर के साथ मिलकर एटीएम एक्सचेंज का काम शुरू किया। एटीएम एक्सचेंज करने के बाद जो भी पैसा निकलता था उस पैसे को बराबर बाट लेते हैं। सुरजीत चौरीचौरा में पकड़ा गया।
बिहार के मूल निवासी व बांसगांव के रद्युवाडीह में रहने वाले अजय दुबे, गुलरिहा के जैनपुर निवासी आशीष यादव, बांसगांव के भटौली निवासी दुर्गेश पांडेय, बांसगांव, हरनही निवासी अभिलाष सिंह, शाहपुर के बशारतपुर निवासी मोहित साहनी, सिकरीगंज के गोविंदपुर निवासी संदीप मिश्रा को गिरफ्तार किया गया है।
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आरोपियों ने बताया कि हम लोगों में से दो या तीन लोग एक ही एटीएम के आसपास बैठ जाते हैं, जब कोई व्यक्ति एटीएम से पैसा नहीं निकाल पाता है तो उसकी मदद कर पैसा निकाल देते हैं। जिस बैंक का एटीएम उसके पास होता है, उसी बैंक का एटीएम अपने पास से बदलकर उसे दे देते हैं फिर बाद में उस एटीएम से उसी दिन दूसरे एटीएम पर जाकर बैलेंस चेक करके एक दिन में जितना लिमिट होता है उतनी रकम निकाल लेते हैं।
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संदीप मिश्रा और मोहित साहनी नई बाजार, चौरीचौरा में एसबीआई के एटीएम के अंदर किसी व्यक्ति का एटीएम एक्सचेंज कर रहा था तो वहां मैं और सुरजीत बिन्द मौजूद थे। जब संदीप और मोहित उस व्यक्ति का एटीएम एक्सचेंज कर रहे थे तो हम लोगों ने देख लिया फिर हम लोग संदीप और मोहित के पीछे-पीछे गए और आधा पैसा ले लिए। फिर इन दोनों से हम लोगों की दोस्ती हो गई।