व्यावसायिक वाहनों के बाद अब निजी वाहनों पर भी हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट अनिवार्य कर दी गई है। जिन वाहनों की पंजीकरण संख्या के अंत में 0 और 1 है, सोमवार से उन पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट होना अनिवार्य कर दिया गया है। मंगलवार से जांच में बिना एचएसआरपी लगे 0 व 1 नंबर वाले वाहनों का पांच हजार रुपये का चालान किया जाएगा।
शासन ने हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के संबंध में सख्ती बढ़ा दी है। अक्तूबर में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं होने पर 57 व्यावसायिक वाहनों का चालान किया गया था। अब शासन ने निजी वाहन स्वामियों को हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगाने के लिए एक वर्ष का समय निर्धारित किया है। वाहनों के नंबर के आधार पर नवंबर 2022 तक हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाई जानी है।
गोरखपुर जिले में 8,68,452 निजी और 57,959 व्यावसायिक वाहन हैं। हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाने की प्रक्रिया को सरल और सुविधाजनक बना दिया गया है। वाहन मालिक सियाम एप या वेबसाइट पर ऑनलाइन बुकिंग कर घर बैठे अतिरिक्त शुल्क वहन कर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवा सकते हैं।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी श्याम लाल ने कहा कि एक अप्रैल 2019 से पूर्व के पंजीकृत वाहनों पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगवाना अनिवार्य है। ऐसे वाहन जिनके पंजीयन संख्या के अंत में 0 या 1 है उनके छूट की समय सीमा समाप्त हो गई है। मंगलवार से 0 व 1 नंबर वाले बिना हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट वाले वाहनों का चालान किया जाएगा।
नंबर प्लेट के लिए निर्धारित समय
- जिन वाहनों के नंबर के अंत में 2 या 3 है, उसपर 15 फरवरी 2022 तक
- जिन वाहनों के नंबर के अंत में 4 या 5 है, उसपर 15 मई 2022 तक
- जिन वाहनों के नंबर के अंत में 6 या 7 है, उसपर 15 अगस्त 2022 तक
- जिन वाहनों के नंबर के अंत में 8 या 9 है, उसपर 15 नवंबर 2022 तक