गोरखपुर में मीटर रीडर की लापरवाही से उपभोक्ताओं के पास गलत बिजली बिल पहुंच रहा है। इसे सही करवाने के लिए उन्हें बिजली दफ्तर का चक्कर लगाना पड़ता है। ये हाल शहर के सभी विद्युत वितरण खंडों में है।
उक्त दोनों उपभोक्ताओं की तरह ही सिनेमा रोड के व्यापारी राहुल भी परेशान हैं। आईपीडीएस योजना के तहत इन्होंने अपनी दुकान में लगे बिजली मीटर को बदलवाकर बाहर नया मीटर लगवाया था। पुराने मीटर की रीडिंग पर बना बिजली बिल जमा करने के बाद भी उनके पास बिजली बिल आ गया।
दफ्तर जाकर पूछा तो पता चला कि मीटर रीडर ने पुराने मीटर की रीडिंग के आधार पर ही गलत बिजली बिल बना दिया है। उनका बिजली बिल नए मीटर की रीडिंग के हिसाब से बनना चाहिए था। बाद में इसे सही किया गया।
अधीक्षण अभियंता शहरी यूसी वर्मा ने बताया कि मीटर रीडरों की गलती का खामियाजा उपभोक्ता उठा रहे हैं। बिजली बिल को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों पर सभी खंड के अभियंताओं से फर्म पर जुर्माना लगाने को कहा जाएगा।
केस 1
प्रतिमाह बिजली बिल जमा करते हैं। नवंबर और दिसंबर में बिल जमा नहीं कर सके। जनवरी में उनके मोबाइल नंबर पर 30 हजार यूनिट बिजली खपत का बिजली बिल आ गया। टाउनहाल ऑफिस में शिकायत करने पर मीटर की रीडिंग के साथ आने को कहा गया है।
-राज मिश्रा, रूस्तमपुर
केस 2
दिसंबर में सात तारीख को समय से बिजली बिल जमा कर दिया था। मोबाइल पर 19 तारीख को 19,225 यूनिट रीडिंग का बिजली बिल जमा करने का मैसेज आ गया। अप्रैल में घर में नया मीटर लगा है। दो किलोवाट घरेलू क्षमता का कनेक्शन हैं।
-मोहित सूरी, मोहद्दीपुर