सीएम ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में एंटीजन एवं आरटीपीसीआर की जांच निशुल्क होती है। इसमें अगर कही भी कोई शिकायत मिलती है तो संबंधित के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। कहा कि जांच व इलाज में प्राइवेट अस्पताल निर्धारित रेट से अधिक धनराशि लें तो उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाए। अस्पतालों में उपलब्ध 108 एम्बुलेंस की संख्या में आधे से अधिक कोविड के लिए लगाया जाए, जिससे की कोविड मरीजों को इलाज में असुविधा न हो सके।
गैर राज्यों से आने वाले लोगों की हो हर हाल में जांच
सीएम ने कहा कि महाराष्ट्र, पंजाब, दिल्ली, मध्य प्रदेश, केरल, कर्नाटक में कोरोना संक्रमण की स्थिति बेहद गंभीर है। वहां से आने वालों का रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट पर कोविड टेस्टिंग हर हाल में कराया जाए। हर ग्राम पंचायत, वार्डो, नगर निकायों में निगरानी समितियां गठित कर उसे क्रियाशील करते हुए उनकी मदद ली जाए। निगरानी समितियों से निरंतर बातचीत हो। इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम में स्वास्थ्य एवं प्रशासन का वरिष्ठ अधिकारी की तैनात हो।
सार्वजनिक स्थानों पर भीड़ न होने दें
सीएम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सार्वजनिक स्थानों पर भीड़ न होने दें, सामाजिक दूरी का अनुपालन, मास्क के प्रयोग की अनिवार्यता पर पूरी नजर रखते हुए कड़ाई से इसका पालन कराया जाए।सीएम ने डीएम और सीएमओ को कोरोना के संबंध में नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने गोरखपुर मंडल में कोविड के मामलों, जांच व टीकाकरण की स्थिति की बिंदुवार जानकारी ली। कमिश्नर जयंत नर्लिकर ने सीएम को बताया कि मंडल में शुक्रवार तक एक्टिव केस की संख्या 2440 है। एक अप्रैल से नौ अप्रैल तक मंडल में एक लाख आठ हजार 183 सैंपलिंग की गई है। इनमें 55676 की जांच आरटीपीसीआर से की गई।
कॉंट्रैक्ट ट्रेसिंग पर भी लगातार फोकस किया जा रहा है। मंडल में इस महीने 2344 पॉजिटिव केसों के सापेक्ष कॉन्ट्रैक्ट ट्रेसिंग की संख्या 24142 है। मंडल में कुल एक्टिव कंटेंमेंट जोन 196 के तहत 8527 घरों को कवर किया गया है। कोविड मरीजों के सर्वेक्षण हेतु रैपिड रिस्पांस टीमें भी सक्रिय हैं। मंडल के चारों जनपदों में शहरी क्षेत्र में 31 और ग्रामीण क्षेत्र में 116 ऐसी टीमें सक्रिय हैं।