गणतंत्र दिवस परेड में अपने गीत से सर्वाधिक अंक दिलाकर प्रदेश की झांकी को नंबर वन बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले गीतकार व कवि वीरेंद्र वत्स ने अब चौरीचौरा की शौर्यगाथा को गीतों में पिरोया है। यह गीत करीब तीन मिनट का है और इसे चौरीचौरा शताब्दी महोत्सव के थीम सांग के रूप तैयार किया गया है। इसे पूरे कार्यक्रम में बजाया जाएगा।
गीत को दिव्य कुमार ने स्वर दिया है। दिव्य कुमार ने फिल्म बदलापुर के गीत जी करदा से सुर्खियां बटोरी थीं। संगीत के सुरों से इसे राजेश सोनी ने सजाया है। इस गीत को यूपी संस्कृति विभाग की ओर से लयबद्ध कराया गया है।
डीएम के विजयेंद्र पांडियान ने बताया कि महोत्सव में कार्यक्रमों की प्रस्तुति देने वाले बच्चे इसी थीम सांग पर अभ्यास करने में जुटे हैं। इस गीत में चौरीचौरा के शौर्य को बहुत ही बेहतरीन ढंग से प्रस्तुत किया गया है।
गीतकार वीरेंद्र वत्स ने- जहां अयोध्या सियाराम की देती समता का संदेश, कला और संस्कृति की धरती, धन्य-धन्य उत्तर प्रदेश... लिखा था, जिसे गणतंत्र दिवस परेड में निकली झांकी में बजाया गया था। इस गीत को बहुत ज्यादा पसंद किया गया। वीरेंद्र वत्स मूलरूप से सुल्तानपुर जिले के निवासी हैं और वर्तमान में लखनऊ में रहते हैं।