डेंगू के बढ़ते केस को देखते हुए सीएमओ ने तीन दिन पहले ही सभी निजी नर्सिंग होम और पैथालॉजी को अपने-अपने केंद्र पर हुई डेंगू की जांच से संबंधित सूचना यूनीफाइड डिजीज सर्विलांस प्रोजेक्ट पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश दिया था। लेकिन, बृहस्पतिवार की शाम तक तीन केंद्रों से ही सूचना अपलोड हुई।
जिला मलेरिया अधिकारी अंगद सिंह ने बताया कि शुक्रवार को इसकी समीक्षा की जाएगी कि किन-किन अस्पतालों से डॉटा नहीं आ रहा है। मलेरिया अधिकारी का कहना है कि डॉटा अपलोड करने से प्रभावित इलाके में सफाई, फाॅगिंग व अन्य बचाव कार्य जल्दी शुरू करने में सहूलियत मिलेगी।
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प्लेटलेट्स घटना ही डेंगू की निशानी नहीं : सीएमओ
सीएमओ डॉ. आशुतोष दूबे का कहना है कि यह कोई जरूरी नहीं है कि अगर किसी मरीज का प्लेटलेट्स काउंट कम हो रहा है तो उसे डेंगू हो गया है। इसीतरह केवल प्लेटलेट्स चढ़ाना ही डेंगू का इलाज नहीं है। वायरल फीवर के मामले में भी कई बार प्लेटलेट्स कम होने लगते हैं। इसलिए बुखार होने पर घबराने के बजाय नजदीकी सरकारी अस्पताल में जाकर अपनी जांच कराएं। सभी केंद्रों पर एनएस-1 जांच किट मौजूद है, जिससे डेंगू के संभावित रोगी की आसानी से पहचान होती है। निजी अस्पतालों व पैथालॉजी सेंटरों से भी डेंगू के जांच व इलाज से संबंधित सूचनाएं पोर्टल पर अपलोड करने को कहा गया है।