पोस्टल मतपत्र से मतदान के आखिरी दिन सोमवार को 1052 कर्मियों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। निर्वाचन कार्य के लिए रिजर्व किए जाने वाले वाहनों के चालकों ने भी पहली बार पोस्टल बैलेट के जरिए वोट डाला।
दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के कला संकाय भवन में 38 चालकों एवं परिचालकों ने वोट डाला। अंतिम दिन होमगार्ड व पुलिस के जवानों ने भी वोट डाले। प्रशिक्षण के दौरान जो मतदान कर्मी वोट नहीं डाल सके थे, उनको भी मतदान का मौका मिला।
20 से 27 फरवरी तक मतदान कार्मिकों का दूसरे चरण का प्रशिक्षण आयोजित किया गया था। प्रशिक्षण के साथ ही मतदान कार्मिकों को पोस्टल बैलेट के जरिए वोट डालने की भी सुविधा मुहैया कराई गई थी। आठ दिनों में आठ हजार 551 लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। जो लोग छूट गए थे, उनके लिए सोमवार को भी वोट डालने की व्यवस्था की गई थी।
छूटे हुए 151 कार्मिकों ने वोट डाले। इसी तरह 800 से अधिक होमगार्ड व पुलिस के एक जवान ने भी पोस्टल बैलेट से मतदान किया। चुनाव ड्यूटी में लगाए जाने वाले वाहनों के चालकों एवं परिचालकों के लिए मतदान की व्यवस्था पहले नहीं होती थी, लेकिन इस बार उनके मतदान के लिए भी व्यवस्था की गई।
इस विधानसभा क्षेत्र में डाले गए इतने वोट
उप निदेशक कृषि संजय सिंह ने बताया कि सोमवार को कैंपियरगंज में 121, पिपराइच में 125, गोरखपुर शहर में 101, गोरखपुर ग्रामीण में 104, सहजनवा में 137, खजनी में 95, चौरी चौरा में 120, बांसगांव में 118, चिल्लूपार में 131 लोगों ने पोस्टल बैलेट के जरिये वोट डाले।