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रिदम कला महोत्सव: स्टेज मेकअप आर्टिस्ट दीपाली सिन्हा ने रखे अपने विचार, बोलीं- बहुत मुश्किल होता है क्लासिकल डांस का मेकअप

Sun, 06 Feb 2022 06:06 PM IST
संजीव कुमार झा एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

वसंत पंचमी के मौके पर आयोजित हुई कार्यशाला में स्टेज मेकअप आर्टिस्ट दीपाली सिन्हा ने भाग लिया और उन्होंने अपने विचार रखे। अपने साक्षात्कार के दौरान उन्होंने मेकअप से जुड़े कई टिप्स दिए।
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रिदम कला महोत्सव - फोटो : Amar ujala
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विस्तार
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अमर उजाला और अंजना वेलफेयर सोसायटी के सहयोग से रिदम कला महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस महोत्सव के दौरान संगीत एवं नृत्य की कार्यशाला आयोजित की जा रही है। 26 जनवरी से शुरू हुआ यह कला महोत्सव 45 दिन तक आयोजित किया जाएगा। इस महोत्सव का मकसद युवाओं को भारतीय संस्कृति से जोड़ना है। इसी क्रम में वसंत पंचमी के मौके पर आयोजित हुई कार्यशाला में स्टेज मेकअप आर्टिस्ट दीपाली सिन्हा ने भाग लिया और उन्होंने अपने विचार रखे। उन्होंने बताया कि क्लासिकल डांस आर्टिस्ट का मेकअप करना कितना मुश्किल होता है। उन्होंने बताया कि कलाकार को किरदार में बदलना कठिन काम है। कथकली और कत्थक डांस के आर्टिस्ट का मेकअप बहुत बारिकी से किया जाता है। इसमें चार से पांच घंटे का समय लगता है। उन्होंने साक्षात्कार के दौरान कई टिप्स भी दिए। 

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सामान्य मेकअप और स्टेज मेकअप में क्या अंतर है?
दीपाली ने कहा कि सामान्य मेकअप और क्लासिकल डांस के मेकअप में बहुत बड़ा अंतर है। उन्होंने कहा कि सामान्यत: सामान्य मेकअप में हम कलाकार के चेहरे को और बेहतर बनाने की कोशिश करते हैं लेकिन कथकली और कत्थक डांस के मेकअप में कलाकार को किरदार में बदलते हैं। कलाकार को किरदार में बदलना बहुत ही मुश्किल काम होता है। इस मेकअप को करने में करीब तीन से चार घंटे लगते हैं। इसमें हमें कलाकार को लिटाकर मेकअप करना पड़ता है।

मेकअप का रंग कैसे तैयार होता है?
दीपाली ने बताया कि स्टेज मेकअप में स्टोन को पीसकर नारियल तेल में मिलाकर फिर रंग तैयार किया जाता है। इस मेकअप में चावल के पेस्ट का उपयोग भी करते हैं। इस तरह से हम धागा और कॉटन की मदद से फेस तैयार करते हैं। दीपाली ने कहा कि कलाकार को स्टेज पर परफॉर्म करना होता है इसलिए मेकअप बारिकी से किया जाता है ताकि वह किसी भी हालत में गिरे नहीं। इसे करने में करीब तीन से चार घंटे लगते हैं।
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आपकी उपलब्धि क्या है?
दीपाली ने कहा कि मैं साइंस बैकग्राउंड से थी लेकिन फिर मेरी रूची स्टेज मेकअप में जग गई। इसके बाद मैंने उत्तर भारत पहली स्टेज मेकअप आर्टिस्ट बनी। उन्होंने कहा कि मैं 12 साल से इस क्षेत्र में काम कर रही हूं। 

अंजना वेलफयेर सोसाइटी के फेसबुक पेज पर जाकर इस कार्यक्रम से जुड़ सकते हैं
गौरतलब है कि महोत्सव के तहत होने वाली सभी कार्यशालाएं पूरी तरह निशुल्क हैं। इसके तहत 45 दिन का ऑनलाइन कार्यक्रम है। वहीं तीन दिन का कार्यक्रम ऑफलाइन होगा। कार्यशाला के दौरान कार्यक्रम की संचालिका माया कुलश्रेष्ठ ने जानकारी दी कि इस कार्यक्रम से जुड़ने के लिए अंजना वेलफयेर सोसाइटी के फेसबुक पेज पर जाकर इस कार्यक्रम से जुड़ सकते हैं। 
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पूरा इंटरव्यू देखने के लिए यहां क्लिक करें
 

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