वहीं, हाईस्कूल यानी 10वीं बोर्ड की लिखित परीक्षा का परीक्षाफल नौवीं कक्षा के प्राप्तांकों से 50 फीसदी, कक्षा 10वीं के प्री - बोर्ड के प्राप्तांकों से 50 फीसदी अंक जोड़कर निर्धारित किया जाएगा।
बता दें कि इससे पहले प्रदेश में कोरोना संक्रमण के चलते हाई स्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा को रद्द किया गया था। प्रदेश सरकार ने हाई स्कूल के 29,94,312 और इंटरमीडिएट के 26,10.316 परीक्षार्थियों को बिना परीक्षा के उत्तीर्ण करने का निर्णय किया है। हाई स्कूल और इंटरमीडिए बोर्ड परीक्षा परिणाम का फॉर्मूला तय करने के लिए एसीएस आराधना शुक्ला की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई थी। कमेटी को 3910 सुझाव मिले थे। प्रदेश के विधायकों, शिक्षाविद्वों, अभिभावकों, शिक्षकों ने इसमें सुझाव दिए हैं। सभी सुझावों का अध्ययन कर समिति ने विद्यार्थियों के हित में समिति रिपोर्ट तैयार की है।
इसलिए अलग है यूपी का फॉर्मूला
सीबीएसई में पठन-पाठन की प्रक्रिया अलग है। यूपी बोर्ड में पठन-पाठन अलग है। यूपी बोर्ड में पहली बार प्री-बोर्ड परीक्षा हुई है जबकि सीबीएसई में पिछले लंबे समय से प्री-बोर्ड हो रहा था। कृषि, शारीरिक शिक्षा के लिए अलग-अलग फॉर्मूला होगा।