केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) द्वारा कक्षा बारहवीं का अंतिम परिणाम तैयार करने के लिए मूल्यांकन नीति जारी करने के बाद विभिन्न राज्यों द्वारा भी फॉर्मूला जारी किया गया है। कुछ बोर्ड ने कक्षा दसवीं, ग्यारहवीं और बारहवीं के आधार पर परिणाम तैयार करने का फैसला लिया है। वहीं कुछ ने पिछले छह वर्षों में छात्रों के प्रदर्शन के आधार पर परिणाम घोषित करने का निर्णय लिया है। अगर आप भी कक्षा 12वीं के विद्यार्थी हैं, तो जानिए उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पश्चिम बंगाल समेत इन 7 राज्यों में कक्षा बारहवीं का परिणाम तैयार करने के लिए क्या नीति अपनाई जा रही है। पढ़िए...
| बोर्ड |
मूल्यांकन नीति |
| सीबीएसई |
कक्षा दसवीं के पांच विषयों में से सबसे ज्यादा अंक वाले तीन विषयों के अंकों के 30 फीसदी, कक्षा 11वीं के अंतिम परिणाम के 30 और कक्षा बारहवीं के आंतरिक मूल्यांक के 30 फीसदी अंकों के आधार पर परिणाम तैयार होगा। |
| पश्चिम बंगाल |
कक्षा दसवीं के कुल विषयों में से सबसे ज्यादा अंक वाले चार विषयों कें अंकों का 40 फीसदी और 11वीं की थ्योरी परीक्षा के 60 फीसदी अंकों के आधार पर बारहवीं का परिणाम तैयार किया जाएगा।
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| गुजरात |
कक्षा दसवीं के अंतिम परिणाम के 50 फीसदी और कक्षा ग्यारहवीं व बारहवीं के यूनिट टेस्ट के 25 फीसदी अंकों के आधार पर कक्षा 12वीं का अंतिम परिणाम तैयार किया जाएगा।
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| सीआईएससीई |
बीते छह वर्षों में छात्रों के प्रदर्शन के आधार पर कक्षा बारहवीं का परिणाम तैयार किया जाएगा। |
| बोर्ड |
मूल्यांकन नीति |
| जम्मू-कश्मीर |
कक्षा बारहवीं की परीक्षा रद्द होने से पहले कुछ विषयों की परीक्षाएं हो चुकी थी। उन्हीं के अंकों के आधार पर 12वीं का अंतिम परिणाम घोषित किया जाएगा। |
| पंजाब |
सीबीएसई की ही तरह कक्षा दसवीं, ग्यारहवीं और बारहवीं के आधार पर परिणाम तैयार किया जाएगा। यानी अंतिम परिणाम तैयार करने के लिए कक्षा 10वीं के पांच विषयों में से सबसे ज्यादा अंक वाले तीन विषयों के 30 फीसदी अंक, ग्यारहवीं के 30 फीसदी और बारहवीं के 40 फीसदी अंकों के आधार पर घोषित होगा परिणाम। |
| उत्तर प्रदेश |
50:40:10 के आधार पर परिणाम तैयार किया जाएगा। यानी बारहवीं के अंतिम परिणाम के लिए कक्षा दसवीं का 50 फीसदी, कक्षा ग्यारहवीं का 40 फीसदी और कक्षा 12वीं प्री-बोर्ड का 10 फीसदी लिया जाएगा। |