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सुप्रीम कोर्ट : सीबीएसई 12वीं के प्राइवेट व पत्राचार छात्रों के लिए शारीरिक परीक्षा की समीक्षा याचिका खारिज

Thu, 29 Jul 2021 06:46 PM IST
देवेश शर्मा एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को शीर्ष अदालत के 22 जून के फैसले के खिलाफ दायर समीक्षा याचिका को खारिज कर दिया, जिसने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) को कक्षा 12वीं के लिए प्राइवेट, पत्राचार और दूसरे कंपार्टमेंट के छात्रों के लिए शारीरिक / ऑफलाइन परीक्षा आयोजित करने की अनुमति दी थी। 
 
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सुप्रीम कोर्ट - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को शीर्ष अदालत के 22 जून के फैसले के खिलाफ दायर समीक्षा याचिका को खारिज कर दिया, जिसने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) को कक्षा 12वीं के लिए प्राइवेट, पत्राचार और दूसरे कंपार्टमेंट के छात्रों के लिए शारीरिक / ऑफलाइन परीक्षा आयोजित करने की अनुमति दी थी। जस्टिस एएम खानविलकर और दिनेश माहेश्वरी की पीठ ने यह कहते हुए आदेश पारित किया कि समीक्षा के लिए कोई मामला नहीं बनता है। आदेश में कहा गया, पुनरीक्षण का कोई मामला नहीं बनता है। तदनुसार समीक्षा याचिका खारिज की जाती है।

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गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने 22 जून, 2021 के फैसले में सीबीएसई द्वारा प्रस्तावित मूल्यांकन नीति को स्वीकार कर लिया था, जिसके अनुसार प्राइवेट/ पत्राचार /द्वितीय कंपार्टमेंट के छात्रों को ऑफलाइन परीक्षा देनी होगी। जबकि, सीबीएसई ने नियमित छात्रों के लिए परीक्षा रद्द कर दी थी और उनके लिए एक वैकल्पिक मूल्यांकन पद्धति का प्रस्ताव रखा था, जिसे शीर्ष अदालत ने मंजूरी दे दी थी।

वहीं, नियमित छात्रों के समान परीक्षा रद्द करने की मांग करने वाली प्राइवेट/ पत्राचार/ द्वितीय कंपार्टमेंट द्वारा दायर एक याचिका को न्यायालय ने 22 जून, 2021 के अपने फैसले के माध्यम से खारिज कर दिया था। शीर्ष अदालत ने उस फैसले में कहा था कि इन छात्रों के लिए शारीरिक परीक्षा 15 अगस्त, 2021 से 15 सितंबर, 2021 तक होगी और परिणाम जल्द से जल्द घोषित किया जाएगा। 
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इस फैसले के खिलाफ, छात्रों की ओर से शीर्ष अदालत में एक समीक्षा याचिका दायर की गई थी। समीक्षा याचिकाकर्ता प्राइवेट/ पत्राचार/ द्वितीय कंपार्टमेंट के छात्रों ने कहा कि सीबीएसई की मूल्यांकन की योजना उनके और नियमित छात्रों के बीच भेदभाव करती है। याचिका में दलील दी गई कि प्राइवेट/ पत्राचार/ द्वितीय कंपार्टमेंट के छात्रों के लिए शारीरिक परीक्षा आयोजित करना, जबकि नियमित छात्रों के लिए इसे रद्द करना असमान व्यवहार होगा। 

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