क्या है गिलगित-बाल्टिस्तान?
- गिलगित-बाल्टिस्तान पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के उत्तर में स्थित पहाड़ी क्षेत्र है।
- इसकी पूर्वी सीमा पाकिस्तानी राज्य खैबर पख्तूनख्वा से लगी है।
- बात 1846 की है जब एक युद्ध में सिख आर्मी की पराजय के बाद अंग्रेजों ने इसे जम्मू-कश्मीर के अन्य हिस्सों के साथ जम्मू के डोगरा शासक गुलाब सिंह को बेच दिया था। लेकिन एक लीज के तहत अंग्रेजों ने इस क्षेत्र पर अपना अधिकार भी बरकरार रखा था।
- यह लीज आखिरी बार 1935 में रिन्यू किया गया था।
- फिर 1947 में कर्नल रैंक के एक ब्रिटिश सैन्य अधिकारी ने जम्मू-कश्मीर के शासक महाराजा हरि सिंह के गवर्नर (गिलगित-बाल्टिस्तान) को जेल में डाल दिया। इसके बाद पाकिस्तान ने अंग्रेजों की मदद से गिलगित-बाल्टिस्तान पर कब्जा कर लिया था।
कैसा है गिलगित-बाल्टिस्तान?
- आज गिलगित-बाल्टिस्तान करीब 72,871 वर्ग किमी क्षेत्र में फैला है। खूबसूरत वादियों से घिरा है।
- यह पूरा क्षेत्र पीओके के क्षेत्रफल से करीब साढ़े पांच गुना बड़ा है।
- हालांकि यहां की जनसंख्या काफी कम है। इस बड़े क्षेत्र में 20 लाख के करीब आबादी रह रही है।
- गिलगित-बाल्टिस्तान को तीन एडमिनिस्ट्रेटिव डिवीजन और 10 जिलों में बांटा गया है।
- यहां की साक्षरता दर 72 फीसदी है। यह मुस्लिम आबादी वाला क्षेत्र है।
- वैसे लोग यहां कई भाषाएं बोलते हैं, लेकिन आधिकारिक भाषा उर्दू है। धार्मिक कार्यों में अरेबिक, जबकि शिक्षा के लिए अंग्रेजी भाषाओं का भी प्रयोग किया जाता है। इसके अलावा यहां शिना, बाल्टी, बुरूशास्की, खोवर, वाखी भाषाएं भी बोली जाती हैं।
ये भी पढ़ें : पाक को सता रही है PoK खोने की चिंता, जानें भारत के इस हिस्से का पूरा इतिहास
हालांकि पीओके और गिलगित-बाल्टिस्तान, दोनों पर सीधे पाकिस्तान के इस्लामाबाद द्वारा शासन किया जा रहा है। लेकिन आधिकारिक रूप से ये दोनों ही क्षेत्र पाकिस्तान की सीमा के अधीन नहीं हैं।
पाकिस्तान ने क्यों पीओके और गिलगित-बाल्टिस्तान को अपने नक्शे का हिस्सा नहीं बनाया?
पीओके और गिलगित-बाल्टिस्तान, दोनों ही 'स्वायत्त प्रदेश' (ऑटोनोमस टेरीटरी) हैं। पाकिस्तान ने आधिकारिक रूप से इसे अपने नक्शे में शामिल नहीं किया है। इसका बड़ा कारण ये है कि ऐसा करने से संयुक्त राष्ट्र समेत वैश्विक स्तर पर उसे नुकसान होगा।
ये भी पढ़ें : क्या है शिमला समझौता, जम्मू-कश्मीर मामले पर इसी की दुहाई दे रहा है पाकिस्तान
वहीं, अगर भारत की बात की जाए तो 1994 में संसद द्वारा पास किए गए एक रिजॉल्यूशन में पीओके और गिलगित-बाल्टिस्तान को जम्मू-कश्मीर राज्य का हिस्सा बताया गया है। जम्मू-कश्मीर, जो 1947 के एक्सेशन के अनुसार भारत का अभिन्न अंग है।
गौरतलब है कि अब गिलगित-बाल्टिस्तान के निवासियों के साथ पाकिस्तान द्वारा किए जा रहे अत्याचारों, उनके मानवाधिकार उल्लंघनों के कारण उन्हें भारत से मदद मांगनी पड़ रही है।
ये भी पढ़ें : क्या है 'Howdy Modi'? अमेरिका में पीएम मोदी के लिए प्रयोग हो रहे हैं ये शब्द