कुछ छात्रों को बुलाने के बाद आगे की स्थिति तय करने के लिए करेंगे समीक्षा
पीटीआई से बातचीत में कुलपति ने कहा कि हमारे छात्र पूरे भारत में स्थित हैं और हम उनके लिए दहशत की स्थिति पैदा नहीं करना चाहते हैं। हम विश्वविद्यालय को चरणबद्ध और सावधानी के साथ फिर से खोलेंगे ताकि किसी भी छात्र को खतरा या असुविधा न हो। हम चर्चा के बाद और व्यवस्थित तरीके से ऑफलाइन क्लासेस शुरू करेंगे। अभी हम कुछ छात्रों को ही कैंपस आने के लिए कहेंगे, फिर स्थिति देखें … जब हम और अधिक आत्मविश्वास हासिल करे लेंगे, तब हम और छात्रों को बुलाएंगे।
कैंपस में जारी है पीएचडी छात्रों का शोध
छात्रों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। पीएचडी और एमफिल के छात्र कैंपस में आ रहे हैं और शोध नियंत्रित तरीके से चल रहा है। लेकिन हम धीरे-धीरे और स्थिति को देखते हुए आगे का निर्णय लेंगे। बता दें कि अगस्त के पहले सप्ताह में, डीयू ने एक आधिकारिक अधिसूचना जारी कर घोषणा की थी कि वह कोरोनोवायरस मामलों में गिरावट को देखते हुए विज्ञान स्ट्रीम के छात्रों के लिए शारीरिक कक्षाएं आयोजित करेगा, जिसके बाद शिक्षकों के एक वर्ग ने छात्रों को बुलाने के विश्वविद्यालय के फैसले पर नाराजगी व्यक्त की थी।