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महाराष्ट्र: एनसीपी एमएलसी का दावा- स्कूल बंद होने से खेतों में काम करने को मजबूर हैं बच्चे, लड़कियों की हो रही कम उम्र में शादी

Mon, 17 Jan 2022 12:09 PM IST
देवेश शर्मा एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

औरंगाबाद के एक एमएलसी ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखकर स्कूलों और कॉलेजों को बंद करने पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया है। 
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महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे - फोटो : Social media
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विस्तार
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औरंगाबाद के एक एमएलसी ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखकर स्कूलों और कॉलेजों को बंद करने पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया है। एक पत्र में, एमएलसी ने मुख्यमंत्री से 50 प्रतिशत क्षमता वाले स्कूलों और कॉलेजों को फिर से शुरू करने की अनुमति देने का आग्रह किया है। COVID-19 मामलों में वृद्धि को देखते हुए, महाराष्ट्र में स्कूल 15 फरवरी, 2022 तक बंद हैं और कक्षाएं ऑनलाइन संचालित की जा रही हैं।

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स्कूल और कॉलेज बंद होने से छात्रों की शिक्षा प्रभावित

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) से ताल्लुक रखने वाले मराठवाड़ा ग्रेजुएट्स निर्वाचन क्षेत्र के एमएलसी सतीश चव्हाण ने दावा किया है कि स्कूलों और कॉलेजों के बंद होने से छात्रों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। एनसीपी शिवसेना के नेतृत्व वाली महा विकास अघाड़ी (एमवीए) सरकार के घटकों में से एक है। उन्होंने एक पत्र में दावा किया कि शिक्षा सत्र में विराम के कारण लड़के खेतों में काम करने को मजबूर हो रहे हैं, जबकि लड़कियों की शादी उनके माता-पिता द्वारा कम उम्र में कर दी जा रही है।

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उन्होंने कहा कि चूंकि स्कूल और कॉलेज बंद रहते हैं, इस कदम से छात्रों के लेखन और पढ़ने के कौशल और उनके ज्ञान प्राप्त करने के कौशल पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। एमएलसी ने कहा कि महाराष्ट्र में मॉल, होटल और सिनेमा हॉल को 50% क्षमता के साथ कैसे काम करने दिया जा रहा है, इस पर सवाल उठाए जा रहे हैं। 

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा था- 10-15 दिनों के बाद विचार करेंगे

एक दिन पहले, महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा था कि स्कूलों को फिर से खोलने की मांग पर अगले 10-15 दिनों के बाद विचार किया जाएगा क्योंकि बच्चों में कोरोना वायरस संक्रमण के प्रसार की घटनाएं कम हैं और छात्रों को शिक्षा का नुकसान ज्यादा हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि अंतिम फैसला महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे करेंगे।

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