नई दिल्ली। उच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार को वंचितों और कुष्ठ रोगियों के लिए काम करने वाले ट्रस्ट के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई न करने का निर्देश दिया है। ट्रस्ट ने गृह मंत्रालय की वेबसाइट में कथित दिक्कतों के चलते विदेशी चंदा विनियमन कानून के तहत आवश्यक वार्षिक रिटर्न दाखिल नहीं की है।
न्यायमूर्ति रेखा पल्ली ने गृह मंत्रालय को नोटिस जारी कर याचिका पर अपना पक्ष भी रखने का निर्देश देते हुए सुनवाई 16 दिसंबर तय की है। अदालत ने कहा अगली सुनवाई तक याचिकाकर्ता के खिलाफ 2019-20 के लिए रिटर्न नहीं दाखिल करने पर कड़ी कार्रवाई न की जाए।
याचिकाकर्ता वंचित एवं कुष्ठ रोगी पुनर्वास न्यास ने अदालत से अधिकारियों को निर्देश देने का आग्रह किया है कि उसे मंत्रालय की वेबसाइट पर अपना फॉर्म एफसी-4 अपलोड करने की अनुमति दें। यह विदेशी चंदा विनियमन कानून (एफसीआरए), 2010 के तहत आवश्यक है ताकि वह वित्त वर्ष 2019-2020 के लिए अपना वार्षिक रिटर्न दाखिल कर सके। रिटर्न दाखिल करने की समय सीमा 30 जून 2021 को समाप्त हो चुकी है।