डॉक्टरों का कहना है कि गृह मंत्री अनिल विज को सांस लेने में कठिनाई, छाती पर भारीपन इत्यादि महसूस हो रहा है। साथ ही बेचैनी भी है। यह सभी लक्षण पोस्ट कोविड जटिलता की ओर इशारा करते हैं। एम्स के एक वरिष्ठ डॉक्टर के मुताबिक, मंत्री अनिल विज का उपचार शुरू हो चुका है, लेकिन कुछ एमआरआई इत्यादि जांच रिपोर्ट आना बाकी है।
हरियाणा के गृह व स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज को पोस्ट कोविड जटिलताओं के कारण सांस में तकलीफ होने के बाद दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती कराया गया है।
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सोमवार रात भर्ती कराए गए विज का उपचार एम्स निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया की निगरानी में हो रहा है। एम्स के डॉक्टरों ने विज की तकलीफ के लिए पोस्ट कोविड जटिलताओं को कारण माना है। हालांकि उनके कई टेस्ट किए गए हैं, जिनकी रिपोर्ट का इंतजार हो रहा है।
पोस्ट कोविड जटिलताओं के चलते हो रही परेशानी
हरियाणा कैबिनेट में मजबूत हैसियत रखने वाले विज को कुछ समय पहले कोविड वैक्सीन की पहली खुराक लेने के बाद कोरोना संक्रमण हुआ था। इसके बाद से उन्हें सांस लेने में परेशानी महसूस हो रही थी, जिसके चलते उन्हें हाल ही में चंडीगढ़ पीजीआई में भर्ती कराया गया था।
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यहां कुछ दिन रहने के बावजूद हालत में ज्यादा सुधार नहीं देखकर उन्हें डॉक्टरों की सलाह पर सोमवार रात को एम्स लाया गया। एम्स में विज को एक निजी वार्ड में भर्ती किया गया है और डॉ. गुलेरिया के निर्देशन में पल्मोनरी विभाग से जुड़े तीन वरिष्ठ डॉक्टरों की टीम उनका उपचार कर रही है।
कई रिपोर्ट का है डॉक्टरों को इंतजार
विज के करीबी सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि चंडीगढ़ पीजीआई से मिली केस समरी के आधार पर एम्स के डॉक्टरों ने फिलहाल पोस्ट कोविड जटिलताओं को उनकी तकलीफ का कारण होने की संभावना जताई है।
डॉक्टरों का कहना है कि गृह मंत्री को सांस लेने में कठिनाई, छाती पर भारीपन इत्यादि महसूस हो रहा है। साथ ही बेचैनी भी है। यह सभी लक्षण पोस्ट कोविड जटिलता की ओर इशारा करते हैं। एम्स के एक वरिष्ठ डॉक्टर के मुताबिक, मंत्री अनिल विज का उपचार शुरू हो चुका है, लेकिन कुछ एमआरआई इत्यादि जांच रिपोर्ट आना बाकी है। इन रिपोर्ट के आने पर ही पक्के तौर पर कुछ बताया जा सकेगा।