राजेंद्र पाल गौतम ( सांकेतिक फोटो)
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आम आदमी पार्टी के नेता राजेंद्र पाल गौतम की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। धर्मांतरण विवाद में फंसने के बाद उन्हें दिल्ली सरकार के समाज कल्याण मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा। अब दिल्ली पुलिस ने राजेंद्र पाल गौतम को पूछताछ के लिए नोटिस भेजा है। हिंदू देवी-देवताओं की पूजा के खिलाफ शपथ लेने के मामले में पुलिस मंगलवार को पूर्व मंत्री से पूछताछ करेगी।
इधर राजेंद्र पाल गौतम ने दिल्ली पुलिस की ओर से किसी भी नोटिस के मिलने से इनकार किया है। गौतम ने कहा, ''मुझे अभी तक कोई नोटिस नहीं मिला है। शपथ विवाद मामले की पूछताछ के लिए दिल्ली पुलिस के कुछ अधिकारी शाम करीब चार बजे मेरे घर आए थे। मैंने उन्हे पूरी जानकारी दी। आगे की पूछताछ या किसी नोटिस के मामले में मैं सहयोग करूंगा।''
दरअसल, विजयादशमी के दिन दिल्ली के करोल बाग में आयोजित बौद्ध महासभा कार्यक्रम में राजेंद्र पाल गौतम पर हिंदू देवी-देवताओं के अपमान का आरोप है। मंत्री की मौजूदगी में हजारों लोगों को 'राम-कृष्ण' समेत विभिन्न हिंदू देवी-देवताओं को भगवान ना मानने और कभी उनकी पूजा ना करने की शपथ लेने का वीडियो सामने आया है। इसका विरोध करते हुए भाजपा ने कहा है कि यह बौद्ध और हिंदू धर्म मानने वालों को लड़वाने की कोशिश है। भाजपा ने राजेंद्र गौतम से हिंदू समाज से माफी मांगने की भी मांग की है।
विजयादशमी के दिन करोल बाग के रानी झांसी रोड स्थित आम्बेडकर भवन में राजेंद्र पाल गौतम की उपस्थिति में 'धम्म चक्र प्रवर्तन दिन' कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसमें लोगों ने बौध धर्म की दीक्षा तो ली ही, लेकिन इस बात की भी शपथ ली कि वे हिंदू देवी-देवताओं की पूजा नहीं करेंगे और न ही उन्हें ईश्वर मानेंगे। इसको लेकर बीजेपी ने आम आदमी पार्टी को घेर लिया है। बीजेपी ने दिल्ली सरकार के मंत्री पर आरोप लगाया है कि उन्होंने लोगों को ब्रह्मा, विष्णु, महेश, राम और कृष्ण को ईश्वर ना मानने और इनकी कभी पूजा नहीं करने की शपथ दिलाई। बीजेपी नेताओं ने इसका एक वीडियो भी जारी किया है, जिसमें बड़ी संख्या में लोग हिंदू देवी-देवताओं को ईश्वर ना मानने और उनकी पूजा ना करने की शपथ लेते दिख रहे हैं।