नई दिल्ली। उच्च न्यायालय ने मंगलवार को चीनी कंपनी एसपीपीआईएन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित ई-कॉमर्स वेबसाइटों और मोबाइल एप्लीकेशन को प्रतिबंधित करने के लिए दायर जनहित याचिका पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। इनसे देश की सुरक्षा और अखंडता को खतरा बताते हुए प्रतिबंधित करने की मांग की गई है।
मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की पीठ ने केंद्र सरकार को इस मुद्दे पर अपना पक्ष रखने का निर्देश देते हुए सुनवाई 11 जनवरी तय की है।
याचिका में कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए आरोप लगाया गया है कि वह प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) नीति और विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के मानदंडों का उल्लंघन कर रही है। कंपनी ई-कॉमर्स वेबसाइट ‘सेलर डॉट शॉपी डॉट इन’ और ‘शॉपी डॉट इन’ और एक मोबाइल एप्लिकेशन - ‘शॉपी: ऑनलाइन शॉपिंग’ का संचालन कर रही है।
याचिकाकर्ता वकील शशांक शेखर झा ने केंद्र को यह निर्देश देने की मांग की कि एसपीपीआईएन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और यहां बनाई गईं इसी तरह की अन्य संस्थाओं को मिले विदेशी निवेश की जांच की जाए। याचिकाकर्ता की तरफ से पेे वरिष्ठ अधिवक्ता संजीव पुरी ने कहा एसपीपीआईएन के कार्यों और प्रतिवादियों की निष्क्रियता से भारत की सुरक्षा, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के लिए एक गंभीर खतरा पैदा होने की आशंका है।
उन्होंने कहा उनके मुवक्किल को लगता है कि एसपीपीआईएन द्वारा जमा किए गए भारतीय नागरिकों के सार्वजनिक और निजी डाटा से छेड़छाड़ हो सकती है। इसे ऐसे डाटा क्लाउड स्पेस पर संग्रहीत किया जाता है, जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से चीनी सरकार की पहुंच में हैं।
याचिका में आरोप लगाया गया कि एसपीपीआईएन अपनी होल्डिंग कंपनियों के साथ मिलकर एफडीआई नीतियों और फेमा नियमों सहित देश के कानूनों का उल्लंघन कर रही है।