कोविड के दौरान जब चूड़ियां नहीं बिकी तो एक युवक स्नेचर बन गया। नशे की लत पूरी करने के लिए वह अपने साथी के साथ मिलकर रोजाना दो से तीन मोबाइल झपट लेता था। मध्य जिला के एएटीएस (एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वायड) ने दोनों झपटमारों को दबोच लिया है।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान आजादपुर निवासी दीपक उर्फ चूड़ी (32) और पहाड़गंज निवासी कुणाल (23) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के पास झपटे हुए 15 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। आरोपी लूटे गए मोबाइल को खुलवाकर उसके पुर्जे अलग कर देते थे।
इसके बाद उनको बाजार में बेच दिया जाता था। एक मोबाइल के बदले उनको 1500 से 2000 रुपये मिल जाते थे। दोनों ही आरोपी पहले भी झपटमारी के मामलों में शामिल रहे हैं। पुलिस पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
मध्य जिला की पुलिस उपायुक्त श्वेता चौहान ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से जिले में झपटमारी की वारदातें हो रही थीं। उसकी जांच के लिए एएटीएस इंजार्ज संदीप गोदारा व अन्यों की टीम को लगाया गया। छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला कि आजादपुर में रहने वाला युवक मध्य दिल्ली में आकर झपटमारी की वारदातों को अंजाम दे रहा है।