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Delhi News: साइबर ठगी करने वाला बदमाश रायपुर से गिरफ्तार

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सात मोबाइल, सात सिमकार्ड, चार एटीएम, फर्जी स्टैंप और अन्य कागजात बरामद
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देशभर के 20 लोगों से लाखों की ठगी कर चुका है आरोपी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ में मशीन और उसके पार्ट्स बनाने वाली एक नामी कंपनी के नाम पर साइबर ठगी करने वाले बदमाश को उत्तर-पूर्वी जिला के साइबर थाना पुलिस ने रायपुर से गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान नालंदा, बिहार निवासी रोशन कुमार (25) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी के पास से सात मोबाइल, सात सिमकार्ड, चार एटीएम, फर्जी स्टैंप और अन्य कागजात बरामद किए हैं।
आरोपी ने लोगों को अपने जाल में फंसाने के लिए फेसबुक के अलावा दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बेहद कम रुपयों में मशीन देने का विज्ञापन डाला हुआ था। शुरुआती जांच के बाद पुलिस को पता चला है कि आरोपी ने देशभर के करीब 20 से अधिक लोगों से लाखों रुपये की ठगी की है। पुलिस आरोपी के बैंक खातों की पड़ताल कर इस बात का पता लगाने का प्रयास कर रही है कि उसने अब तक कितने लोगों के साथ ठगी की है। आरोपी पिछले करीब एक साल से वारदात को अंजाम दे रहा था। उत्तर पूर्वी दिल्ली के पुलिस उपायुक्त डॉ. जॉय टिर्की ने बताया कि पिछले दिनों नईम पाशा (46) नामक कारोबारी ने 5.70 लाख रुपये ठगी की शिकायत साइबर थाने में की थी। पीड़ित ने बताया कि अपने काम के लिए कुछ मशीन और उसके पार्ट्स चाहिए थे। 21 अगस्त 2023 को उन्होंने फेसबुक पर एक विज्ञापन देखा। उसमें छत्तीसगढ़, रायपुर की नामी कंपनी की ओर से मशीन और पार्ट्स बहुत कम कीमत पर उपलब्ध कराने की बात की गई थी। नईम उनके झांसे में आ गए। उन्होंने बातचीत के बाद 50 हजार रुपये एडवांस पेमेंट कर दिया। इसके बाद पांच बार में पीड़ित ने कुल 5.70 लाख रुपये दे दिए। उनको कंपनी की ओर से बिल भी भेजे गए। लेकिन काफी इंतजार के बाद भी जब मशीन नहीं पहुंची तो कंपनी से संपर्क करने का प्रयास किया तो ठगी का पता चला।
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ऐसे पकड़ा गया आरोपी

आरोपी तक पहुंचने के लिए पुलिस ने सबसे पहले उन बिलों और कुरियर स्लिप की पड़ताल की जिनको आरोपी ने पीड़ित को दिया था। वह सभी फर्जी मिलीं। इसके बाद खातों की पड़ताल की गई, जहां रकम ट्रांसफर की गई थी। सारा पैसा रायपुर के एटीएम से निकाला गया था। बैंक खाता भी वहीं था। पुलिस की एक टीम को रायपुर भेज दिया गया। आरोपी की पहचान करने के बाद लगातार तीन दिन तक उस पर नजर रखी गई। पीछा करने के बाद उसे रायपुर से दबोच लिया गया।
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पहले चेन्नई की फैक्टरी में करता था काम

आरोपी पहले चेन्नई की एक बड़ी फैक्टरी में इसी तरह की मशीन बनाने का काम करता था। करीब 12 साल वहां काम करने के बाद वह रायपुर आ गया। परिवार के खर्चे पूरे करने के लिए उसने ठगी की योजना बनाई। उसने सोशल मीडिया साइट्स पर मशीन बनाने वाली नामी कंपनियों के नाम से पेज बनाया।
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