उच्च न्यायालय ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) को दसवीं कक्षा एक छात्र को 30 नवंबर को शुरू होने वाली आगामी प्रथम-टर्म परीक्षा में बैठने की अनुमति प्रदान कर दी। छात्र के माता-पिता समय पर उसकी स्कूल फीस का भुगतान करने में असफल रहे थे।
न्यायमूर्ति प्रतीक जालान ने सीबीएसई व स्कूल प्रशासन को बच्चे की परीक्षा के नतीजे सील बंद कवर में पेश करने का निर्देश दिया है। इसके अलावा अदालत ने मामले में दिल्ली सरकार, सीबीएसई और संबंधित स्कूल को नोटिस जारी जवाब मांगा है।
अदालत ने सीबीएसई को बोर्ड परीक्षाओं के संबंध में अधिसूचनाओं को रिकॉर्ड में रखने का भी निर्देश दिया गया है,वहीं स्कूल प्रशासन को बच्चे से संबंधित फीस का विवरण देने का निर्दे दिया है।
अदालत ने कहा परीक्षाएं 30 नंवबर से शुरू हो रही है ऐसे में याचिकाकर्ता को कुछ अंतरिम संरक्षण प्रदान करना आवश्यक है। बच्चे के पिता ने कोविड माहामारी के कारण फीस जमा नहीं करवाई थी और स्कूल ने उसे ऑनलाइन कक्षाओं में भाग लेने की अनुमति नहीं दी।